हरियाणा-पंजाब विवाद के बीच SYL नहर पर बड़ा फैसला, सरकार ने दी मंजूरी...जानिए पूरा मामला
punjabkesari.in Tuesday, Apr 07, 2026 - 04:45 PM (IST)
कुरुक्षेत्र : हरियाणा और पंजाब के विवाद के बीच लंबे समय से उपेक्षित SYL नहर अब अपने मूल स्वरूप में लौटने जा रही है। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से नहर का जीर्णोद्धार किया जाएगा, जिससे यह दक्षिणी हरियाणा और दिल्ली की प्यास बुझाने में कारगर साबित होगी।
सिंचाई विभाग ने बताया कि नहर के कायाकल्प का काम तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। प्रदेश सरकार ने परियोजना को मंजूरी दे दी है और अब टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। SYL नहर के जीर्णोद्धार के बाद जरूरत पड़ने पर नरवाना ब्रांच नहर और मारकंडा नदी के पानी को भी छोड़ा जा सकेगा। इससे न केवल मारकंडा नदी से आने वाली बाढ़ का खतरा टलेगा, बल्कि नहर का सही उपयोग भी सुनिश्चित होगा।
नहर की लंबाई और परियोजना की तैयारी
कुरुक्षेत्र जिले में SYL नहर की लंबाई लगभग 35 किलोमीटर है। जनवरी महीने में सिंचाई विभाग ने परियोजना को प्रदेश सरकार की मंजूरी के लिए भेजा था, जिसे तकनीकी टीम ने पास कर दिया। सुप्रीम कोर्ट तक विवाद पहुंचने के बावजूद पंजाब से अभी तक नहर में पानी नहीं मिल पाया है।
सरकार से मिली मंजूरी, जल्द होगा कार्य शुरू
SYL नहर परियोजना के बारे में एक्सईएन सिंचाई विभाग मुनीष बब्बर ने बताया कि सरकार से मंजूरी मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही परियोजना पूरी कर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
पानी की उपलब्धता का लक्ष्य
सिंचाई विभाग ने नहर के जीर्णोद्धार के बाद 10 हजार क्यूसेक पानी दक्षिणी हरियाणा तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। इसमें एसवाईएल नहर के माध्यम से 6,500 क्यूसेक और नरवाना ब्रांच के माध्यम से 3,500 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहली बार है जब नहरों का बड़े पैमाने पर जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
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