सावधान ! हरियाणा में बिना मंजूरी के काटीं जा रही अवैध कॉलोनियां, सस्ते प्लॉट का लालच पड़ सकता है भारी...
punjabkesari.in Monday, Apr 06, 2026 - 08:18 PM (IST)
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): कुरुक्षेत्र जिले में इन दिनों अवैध कॉलोनियों का कारोबार फिर से तेजी से फैलता जा रहा है। हालात यह हैं कि कई स्थानों पर बिना किसी सरकारी मंजूरी के कॉलोनियां काटकर प्लॉट बेचे जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि अब तो कई प्रॉपर्टी डीलर केवल कागजी नक्शों के आधार पर ही लोगों से प्लॉट बुक करवाने लगे हैं और भविष्य में रजिस्ट्री करवाने का दावा भी किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार जिले के शहरी व ग्रामीण इलाकों के आसपास खेतों में अवैध रूप से कॉलोनियां काटी जा रही हैं। इन कॉलोनियों का न तो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से कोई नक्शा पास है और न ही किसी प्रकार की आधिकारिक मंजूरी ली गई है। इसके बावजूद प्रॉपर्टी डीलर लोगों को सस्ते प्लॉट का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित कर रहे हैं। कई मामलों में देखा गया है कि कॉलोनाइजर पहले जमीन को छोटे-छोटे प्लॉट में कागजों पर विभाजित कर लेते हैं और उसी नक्शे के आधार पर ग्राहकों को प्लॉट दिखाए जाते हैं। मौके पर न तो सड़क होती है, न बिजली और न ही पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं। इसके बावजूद लोगों को यह कहकर भरोसा दिलाया जा रहा है कि जल्द ही कॉलोनी का विकास करवा दिया जाएगा और एक वर्ष के भीतर प्लॉट की रजिस्ट्री भी करवा दी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार कई जगहों पर प्लॉट की बुकिंग के नाम पर लोगों से पहले ही पेशगी राशि भी ली जा रही है। यह राशि हजारों से लेकर लाखों रुपये तक हो सकती है। ग्राहकों को रसीद या साधारण एग्रीमेंट देकर भरोसा दिलाया जाता है कि निर्धारित समय के भीतर सभी कागजी प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। जबकि कुछ मामलों में सिर्फ भरोसे पर ही रकम ली जा रही है जबकि उसकी कोई रसीद या एग्रीमेंट भी नहीं होता।
रियल एस्टेट से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस तरह की कॉलोनियों में प्लॉट खरीदना लोगों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। यदि कॉलोनी को सरकार या संबंधित विभाग से मंजूरी नहीं मिलती है तो भविष्य में वहां रजिस्ट्री करवाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे मामलों में खरीदारों को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के कई इलाकों में इस तरह की गतिविधियां खुलेआम चल रही हैं, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इन अवैध कॉलोनियों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो भविष्य में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

जानकारों का यह भी कहना है कि प्लॉट खरीदने से पहले लोगों को संबंधित कॉलोनी की सरकारी मंजूरी, नक्शा पास होने और अन्य कानूनी दस्तावेजों की जांच अवश्य करनी चाहिए, ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। फिलहाल जिले में अवैध कॉलोनियों का यह बढ़ता कारोबार प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है और जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग इस पर सख्त कार्रवाई कर लोगों को संभावित धोखाधड़ी से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए।
अवैध कलियों में नहीं लगाए हुए नोटिस बोर्ड
इस मामले में सबसे खास बात यह है कि शहर की अवैध कालोनियों में डी.टी.पी विभाग द्वारा नोटिस बोर्ड नहीं लगाए गए हैं जबकि प्रावधान यह कहता है कि जो कॉलोनी अप्रूव नहीं है उनमें डिटेल सहित नोटिस बोर्ड लगाए जाने चाहिए ताकि लोग सतर्क होकर उन कालोनियों में अपना पैसा ना फसाएं। यदि कॉलोनाइजर द्वारा वह बोर्ड उखाड़े जाते हैं तो उसमें भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान होता है।
क्या कहते हैं डी.टी.पी.
जिला टाउन एंड कंट्री प्लानर (डी.टी.पी.) नवीन कुमार का कहना है कि जिले में अवैध कॉलोनियों को किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा। विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जहां भी बिना लाइसेंस कॉलोनी काटने की शिकायत मिलती है, वहां तुरंत नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी सरकारी मंजूरी और लाइसेंस की पूरी जांच अवश्य करें।
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से भविष्य में कानूनी दिक्कतें आ सकती हैं। यदि किसी व्यक्ति को ऐसी गतिविधि की जानकारी मिलती है तो वह इसकी सूचना विभाग को दे सकता है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि अवैध कालोनियों में नोटिस चस्पाए जाते हैं। अब विशेष अभियान चलाकर नोटिस बोर्ड लगाए जाएंगे। उन्हें यदि कोई कॉलोनाइजर उखाड़ता है तो संबन्धित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी करवाई जाएगी।
वहीं इस मामले में पंजाब केसरी टीम द्वारा की गई जांच पड़ताल में नगर परिषद कुरुक्षेत्र का एक बाउंड्री लाइन का पूरा नक्शा प्राप्त किया गया है जिसमें संबंधित खेवट नंबर देखकर लोग जांच सकते हैं कि कॉलोनी अप्रूव्ड है कि नहीं है। इस नक्शे में लाल रंग में दर्शाए गए क्षेत्र में दिखाया गया हिस्सा अवैध है जबकि हरे रंग में दर्शाया गया हिस्सा वैध है।