ऐलनाबाद उपचुनाव: टिकट नहीं मिलने से नाराज हुए भरत सिंह बेनीवाल, ले सकते है ये बड़ा फैसला

punjabkesari.in Sunday, Oct 10, 2021 - 04:42 PM (IST)

सिरसा(सतनाम):  30 अक्टूबर को ऐलनाबाद उपचुनाव को लेकर जहां सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपना प्रचार अभियान शुरू कर दिया है वहीं कांग्रेस में अब बगावती सुर देखने को मिल रहे हैं।  कांग्रेस के पूर्व विधायक भरत सिंह बेनीवाल ने अपनी टिकट कटने पर नाराजगी जाहिर की है । उन्होंने कहा कि ऐलनाबाद हलके में उनसे पुराना कोई भी नेता नहीं है तो फिर उनकी टिकट हाईकमान द्वारा क्यों काटी गई है। उन्होंने कहा कि 1991 में उन्होंने पहली बार चुनाव लड़ा था और उसके बाद से लगातार वे 2019 तक ऐलनाबाद हलके में पार्टी को मजबूत कर रहे हैं और कई बार चुनाव भी लड़ चुके हैं। बता दें कि भरत सिंह बेनीवाल हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुडा के नजदीकी है और फ़िलहाल अब कांग्रेस प्रदेश की कमान प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा के हाथों में है। भरत सिंह बेनीवाल की टिकट 2014 में भी कट गई थी जब प्रदेश कांग्रेस की कमान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक तंवर के हाथों में थी। 

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों पवन बेनीवाल ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन की है फिर भी पार्टी हाईकमान ने ऐलनाबाद उपचुनाव में पवन बेनीवाल को टिकट दी है और उनको दरकिनार कर दिया है। फिलहाल भरत सिंह बेनीवाल लगातार अपने निवास पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मीटिंग कर रहे हैं और 14 अक्टूबर को कार्यकर्ताओं से मीटिंग के बाद एक बड़ा फैसला लेंगे । बेनीवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ऐलनाबाद हलके में उनसे पुराना कोई कांग्रेसी नेता नहीं है 1991 से वे कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं । भरत सिंह बेनीवाल ने कांग्रेस पार्टी में अपना अनुभव सांझा करते हुए कहा कि 1991 में पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल ने उन्हें पहली बार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ गया था, उनके सामने इनेलो सुप्रीमो और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला थे।

 


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Content Writer

Isha

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