मस्जिदों को तोड़ने वाली भाजपा सरकार अब मंदिर तोड़ने लगी है- अभय सिंह चौटाला
punjabkesari.in Monday, Sep 21, 2026 - 02:52 PM (IST)
गुड़गांव,(ब्यूरो): मस्जिदों को तोड़ने वाली भाजपा सरकार अब मंदिरों को तोड़ने में लगी है। मंदिरों को तोड़ा जाए, समाधियों को तोड़ा जाएगा तो भाजपा के लिए हिंदू कोई मायने ही नहीं रखता है। भाजपा केवल नाम के लिए ही हिंदू-हिंदू करती है। यह बात इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव अभय सिंह चौटाला ने कही। वे आज गुड़गांव के आदमपुर झाड़सा में प्रशासन द्वारा तोड़े गए मंदिर व समाधियों का मुआयना करने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान वह भाजपा सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि मंदिरों से चंदा चोरी कर भाजपा सरकार अपनी पार्टी के फंड में जोड़ने लगी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा की मंदिर तोड़ने की कार्रवाई निदंनीय है। इस मामले में मंदिर का चंदा चोरी करने वालों व मंदिर को तोड़ने वाले अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार और प्रशासन ने यहां मंदिरों और समाधियों को तोड़कर मंदिर के चढ़ावे को लेकर गए है, उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। कौन लोग थे उनकी पहचान होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। ऐसे में उन लोगों की पहचान होना काेई मुश्किल नहीं है। यह मान कर चलो कि सरकार में बैठे लोगों ने यह कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब मंदिर तोड़े गए हैं। यह मंदिर कहीं रुकावट भी नहीं बन रहे थे, फिर भी इन मंदिरों को तोड़ा गया। किसी सड़क या सरकारी प्रोजेक्ट के बीच अगर मंदिर आता है और उसे तोड़ा जाता है तो उसकी पूरी तरह से पूजा पाठ किया जाता है उसके बाद ही मंदिरों की जगह को बदला जाता है। यह जो कार्य किया है और जिसने करवाया है उसके खिलार्फ कार्रवाई हो और सरकार जवाब दे।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने महापंचायत का आयोजन किया है। इस पंचायत में अगर बुलाया जाएगा तो जाउंगा और हर हालत में गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्य किया है। भाजपा ने हर धार्मिक स्थल को लूटने का काम किया है। पहले अपने लोगों को मंदिरों में बैठाया गया है और उनके जरिए मंदिर को लूटा गया है उस चंदे को पार्टी फंड में जमा किया गया है। उन्होंने महंत बालक नाथ को लेकर कहा कि अगर वह सही मायने में अपने धर्म के साथ हैं तो उन्हें आरपार की लड़ाई लड़नी चाहिए ताकि सरकार यहां उठकर आए न कि वह सरकार के पास जाकर बातचीत करें। अगर वहां जाकर सरकार से बात करते हैं तो मान कर चलो कि सरकार का दिमाग खराब है। पूरे गांव के लोगों ने इस मंदिर पर पैसे खर्च किए है। यह मंदिर पूरे गांव की धरोहर है।