सीएम मनोहर ने की हिसार एयरपोर्ट के नाम की घोषणा, इस महापुरूष के नाम पर होगा एयरपोर्ट

7/26/2021 9:59:39 PM

चंडीगढ़ (धरणी): हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हिसार एयरपोर्ट का नाम महाराजा अग्रसेन के नाम पर रखने का ऐलान किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज घोषणा की है कि हिसार में राज्य के पहले नागरिक हवाई अड्डे का नाम महाराजा अग्रसेन के नाम पर रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महाराजा अग्रसेन के नाम पर हवाई अड्डे का नामकरण कर उन्हें सही मायने में श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री ने हिसार हवाईअड्डे को हरियाणा के लिए बड़ी परियोजना बताते हुए कहा कि हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एकीकृत एविएशन हब, हिसार न केवल हरियाणा के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में क्रांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, बल्कि हवाई प्रशिक्षण, हवाई संचालन और मरम्मत आदि के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं भी सुनिश्चित करेगा।

उल्लेखनीय है कि, 27 सितंबर, 2018 को हिसार हवाई अड्डा राज्य का पहला डीजीसीए लाइसेंस प्राप्त सार्वजनिक हवाई अड्डा बन गया था।  वर्तमान में, हवाई अड्डे के उन्नयन के लिए विकास कार्य किए जा रहे हैं और सभी अनिवार्य मंजूरी के बाद एकीकृत विमानन हब हिसार के चरण-2 के तहत रनवे निर्माण कार्य प्रगति पर है।  

वहीं हिसार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम महाराजा अग्रसेन के नाम पर करने के लिए हरियाणा विधान सभा के अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त किया है। गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस घोषणा से अग्रवाल समाज की अरसे पुरानी मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री महापुरुषों को विशेष सम्मान देने के लिए जाने जाते हैं। हिसार एयरपोर्ट का नाम महाराजा अग्रसेन के नाम पर कर उन्होंने समाजवाद के सिद्धांतों का भी सम्मान किया है।

गुप्ता ने कहा कि महाराजा अग्रसेन मानवता के प्रवर्तक, अहिंसा के पुजारी, गणतन्त्र के संस्थापक, गरीबों के मसीहा, राष्ट्रवाद के प्रबल समर्थक रहे हैं। उन्होंने ‘एक ईंट-एक मुद्रा’ की परंपरा शुरू समाज को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन का हरियाणा के इतिहास के गहरा नाता रहा है। उन्होंने पांडव पक्ष की ओर से महाभारत युद्ध में भाग लिया। युद्ध के नौंवे दिन उनके पिता वीरगति को प्राप्त हो गए। अग्रसेन ने सभी मर्यादाओं का पालन करते हुए 18 दिन तक युद्ध में भाग लिया और युद्ध समाप्ति पर भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से नययुग में धर्म की स्थापना की और अग्रोहा नगर बसाया। इसी दौरान उन्होंने ‘एक ईंट-एक मुद्रा’ का अभिनव प्रयोग करते हुए सच्चे समाजवाद की स्थापना की। गीता का उपदेश सुनकर ही उन्होंने 18 प्रेरणादायक सिद्धांतों को मूर्त रूप दिया। यह अग्रोहा नगर हिसार जिले में ही स्थित है। इसलिए हिसार एयरपोर्ट का नाम महाराजा अग्रसेन जी के नाम पर करना पूरी तरह न्यायसंगत भी है।

बता दें कि अग्रवाल समाज की सबसे प्रभावी और अग्रणी संस्था अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग के नेतृत्व में गत 6 जुलाई को एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने गुप्ता के सम्मुख समाज की प्रमुख मांगें रखी थीं। गुप्ता ने इस मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा था। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग ने इन मांगों को सिरे चढ़ाने में विशेष योगदान के लिए विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता के प्रयासों की सराहना की है।

गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रवाद के इतने बड़े मसीहा की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा होनी चाहिए। इसके साथ ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में महाराजा अग्रसेन के नाम पर पीठ स्थापित करने की भी आवश्यकता है। 

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Content Writer

Shivam

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