सड़क सुरक्षा को लेकर आयोजित होगी प्रतियोगिता, 8 फरवरी को बच्चों को दिया जाएगा संदेश
punjabkesari.in Monday, Feb 05, 2024 - 06:16 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा में सड़क सुरक्षा को लेकर एक प्रतियोगिता की जाएगी। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों के माध्यम से आमजन में सड़़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता लाना है। बता दें कि सड़क सुरक्षा को लेकर छठी हरियाणा राज्यस्तरीय सड़क सुरक्षा प्रश्नोतरी प्रतियोगिता 8 फरवरी को आयोजित की जाएगी। ये प्रतियोगिता पंचकूला के सेक्टर-14 स्थित राजकीय स्नातकोतर महिला महाविद्यालय में होगी। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में प्रतियोगिता के सफल आयोजन को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
जानकारी देते हुए पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि सड़क सुरक्षा संबंधी विषय पर आयोजित की जाने वाली इस प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों के माध्यम से आमजन में सड़़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता लाना है। उन्होंने बताया कि इस राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में प्रत्येक रेंज तथा कमिश्नरी से 12-12 विद्यार्थियों द्वारा भाग लिया जाएगा। इस प्रकार प्रतियोगिता में 36 टीमों के 108 विद्यार्थी भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के तहत वर्ष 2016-17 में प्रदेशभर के 44 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भागीदारी सुनिश्चित करते हुए लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया था।
विद्यार्थियों को मिलेगा पुरस्कार
DGP ने बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से पूर्व प्रदेश के विद्यालयों में खंड स्तरीय, जिला स्तरीय और रेंज स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी। जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के लिए विद्यार्थियों को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
- प्रथम श्रेणी: इस श्रेणी में कक्षा पहली से लेकर कक्षा पांचवी के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।
- दूसरी श्रेणी: इस श्रेणी में कक्षा छठी से लेकर कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।
- तीसरी श्रेणी: इस श्रेणी में कक्षा नौंवी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।
इन सभी विद्यार्थियों को उनकी श्रेणी के अनुरूप सड़क सुरक्षा संबंधी पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध करवाई गई थी। विद्यार्थियों के मानसिक स्तर को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम तैयार किया गया है ताकि वे अपनी आयु तथा शैक्षणिक स्तर के अनुरूप सड़क सुरक्षा संबंधी तथ्यों तथा यातायात नियमों को भली प्रकार से समझ सके। इस पाठ्यसामग्री में ड्राइविंग लाइसेंस के महत्व, सड़क संकेत, मोटर व्हीकल एक्ट, ट्रैफिक संकेत, यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानी और ओवरटेक करने संबंधी कई अन्य तथ्यों को सरल तरीके से समझाया गया है, ताकि भविष्य में जब विद्यार्थी सड़कों पर वाहन लेकर निकले तो इन सभी चीजों का ध्यान रखें।
गौरतलब है कि इस अभियान के तहत वर्ष 2013 में 14,55,778 वर्ष 2014 में 34 लाख 13,814 वर्ष 2015 में 43 लाख 65,735 वर्ष 2016 में 44 लाख 95,784 वर्ष 2017 में 30 लाख 3,261 वर्ष 2018 में 35 लाख 82,683 विद्यार्थियों ने भागीदारी सुनिश्चित की। इसके बाद कोरोना काल के चलते इसका आयोजन नहीं किया जा सका, लेकिन पुलिस महानिदेशक श्री शत्रुजीत कपूर ने पुलिस विभाग में अपना पदभार संभालते ही इस अभियान को पुनः चलाने का निर्णय लिया।
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