पुलिस सुरक्षा पाने के लिए कांग्रेसी नेता ने रची गैंगस्टर से धमकी दिलाने की साजिश, अब गिरफ्तारी की तैयारी में पुलिस
punjabkesari.in Friday, Oct 30, 2026 - 09:25 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): हरियाणा पुलिस से सुरक्षा हासिल करने के लिए रची गई एक सनसनीखेज साजिश का गुरूग्राम पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। विदेश में बैठे गैंगस्टरों के नाम से लगातार रंगदारी और जान से मारने की धमकियां मिलने की शिकायत दर्ज कराने वाले कांग्रेसी नेता की पोल खुद पुलिस की तकनीकी जांच में खुल गई है। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने दर्ज मामले को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व पुलिस को गुमराह करने की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने की तैयारी की जा रही है।
गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक https://www.facebook.com/KesariGurugram पर क्लिक करें।
जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-पांच निवासी धर्मेंद्र मकडोला ने 23 सितंबर को थाना सेक्टर-पांच पुलिस में एक शिकायत दी थी। शिकायत में बताया कि वह इंडियन नेशनल कांग्रेस के राजीव गांधी पंचायती राज संगठन में गुरुग्राम का जिला अध्यक्ष है और पेशे से वह प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि उसे विदेशी नंबरों से गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के नाम से लगातार कॉल आ रही हैं। आरोपी द्वारा उसे पांच करोड़ रुपये की फिरौती देने, जमीन के कारोबार से दूर रहने अन्यथा गोलियों से भूनने तथा घर को ग्रेनेड से उड़ाने की धमकियां दी जा रही हैं। धर्मेंद्र ने इस पूरी साजिश के पीछे जमीन सौदे से जुड़े अपने व्यावसायिक साझेदारों पर शक जताया था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए गुरूग्राम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत सेक्टर-पांच थाने में मामला दर्ज कर लिया था और प्राथमिक सुरक्षा उपाय के तौर पर धर्मेंद्र को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई थी।
मामले की जांच के दौरान जब पुलिस की साइबर और तकनीकी टीमों ने उन विदेशी नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और आईपी एड्रेस को खंगाला, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। पुलिस जांच में पता चला कि अमेरिका स्थित एक नंबर से फर्जी कॉल की जा रही थीं। यह कॉल करने वाला युवक अमेरिका में रहता है और वह शिकायतकर्ता धर्मेंद्र मकडोला के ही एक करीबी परिचित का बेटा है। तकनीकी साक्ष्यों और गहन पूछताछ से यह साफ हो गया कि धमकी भरी कॉल धर्मेंद्र के कहने पर ही की गई थी। इतना ही नहीं, कॉलर को जो धमकी भरा स्क्रिप्ट बोलना था, उसका हस्तलिखित नोट भी धर्मेंद्र ने ही लिखकर अमेरिका भेजा था। पुलिस द्वारा कराई गई लिखावट की जांच में उस नोट का मिलान धर्मेंद्र की वास्तविक हैंडराइटिंग से पूरी तरह हो गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच और गवाहों के बयानों से स्पष्ट हुआ है कि धर्मेंद्र प्रॉपर्टी डीलिंग के व्यवसाय में अपने विरोधियों पर दबाव बनाना चाहता था और अपना रसूख व वर्चस्व स्थापित करने के लिए उसे पुलिस गनमैन की आवश्यकता थी। इसी वजह से उसने अमेरिका में बैठे युवक के साथ मिलकर इस फर्जी कॉल की पटकथा तैयार की थी। गुरूग्राम पुलिस सूत्रों के फर्जीवाड़ा और साजिश सामने आने के बाद पूर्व में दर्ज कराई गई एफआईआर को निरस्त करने की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही झूठी सूचना देकर पुलिस प्रशासन को गुमराह करने और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करने के आरोप में धर्मेंद्र मकडोला के खिलाफ नियमानुसार मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने की तैयारी चल रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी यदि कोई व्यक्ति सुरक्षा पाने या निजी लाभ के लिए ऐसी झूठी शिकायत देगा, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मामले में जब धर्मेंद्र मकडौला से संपर्क किया गया,तो उनको फोन बंद मिला जिसके कारण उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई।