भ्रष्ट अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा, डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को सख्ती से निपटने के दिए निर्देश

punjabkesari.in Tuesday, May 10, 2022 - 10:03 PM (IST)

चंडीगढ़(धरणी): हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भ्रष्टाचार फैलाने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी जिनके खिलाफ नियमित तौर पर शिकायतें मिल रही हैं और उनके खिलाफ कार्यवाही होनी पेंडिंग है उन पर जल्द से जल्द कार्यवाही की जाएगी। वे मंगलवार को गुरुग्राम में टैक्सपेयर फ्रेंडली मेजर तथा हरियाणा जीएसटी स्क्रूटनी मैनुअल के लॉन्चिंग उपरांत मीडिया प्रतिनिधियों से रूबरू हो रहे थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयोजित कांफ्रेंस के दौरान भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन अधिकारियों के खिलाफ नियमित तौर पर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं उनसे सख्ती से निपटा जाए। उन्होंने कहा कि हमारे पास उन्हें 50 साल के बाद 55 साल या 58 साल तक एक्सटेंशन देने का अधिकार है, उन्हें अब 48 साल की उम्र से समीक्षा करके आवश्यक कार्यवाही करते हुए जल्द से जल्द रिलीव किया जाएगा। 

डिप्टी सीएम ने कहा कि जीएसटी को लेकर गुरुग्राम में आयोजित एक दिवसीय सेमिनार में भारत सरकार के अलावा कई उच्च अधिकारियों द्वारा भाग लिया गया है जिसमें बिजनेसइंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर सहित रिटेलिंग आदि को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस सेमिनार में एक बुकलेट भी लांच की गई  जिसमें जीएसटी सहित कई अन्य प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है जिससे अधिकारियों की पहले की अपेक्षा कार्य क्षमता भी बढ़ेगी और टैक्सेशन बढ़ाने के लक्ष्य को समय से प्राप्त कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों को यूनाइटेड किंगडम द्वारा भी प्रशिक्षित किया जाएगा जो तीन-तीन दिन के सेमिनार के तहत चार अलग-अलग बैचों में अधिकारियों को ट्रेनिंग देंगे। 

राजस्व संग्रहण संबंधी पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल प्रदेश में 31 हज़ार करोड़ जीएसटी संग्रहण किया गया जबकि इस वर्ष लगभग 35 हजार करोड़ जीएसटी संग्रहण किया गया है जो कि पिछले वर्ष के मुकाबले 4000 करोड़ अधिक है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है जीएसटी संग्रहण का आंकड़ा 40 हज़ार करोड़ से अधिक हो और यह तभी संभव होगा जब लोगों से जो जीएसटी रिकवर की जानी है और पेंडिंग है, उसे जल्दी मॉनिटर करते हुए पूरा किया जाए। इसके साथ ही हमारा प्रयास है कि जो लोग झूठी कंपनियां बनाकर जीएसटी क्लेम करते हैं उन लोगों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। एक अन्य सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी काउंसिल में कंपनीके रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन की अवधि को बढ़ाने को लेकर भी प्रस्ताव रखा जाएगा किआधार पर सात दिन की बजाए 30 दिन तथा बिना आधार पर 30 दिन की अवधि को बढ़ाकर 90 दिन तक किया जाए।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Vivek Rai

Related News

Recommended News

static