''थार-लैपटॉप में बेटी की निशानी रख लेना'', दंपती ने मासूम संग सुसाइड करने से पहले भाई को भेजे भावुक मैसेज
punjabkesari.in Tuesday, Apr 21, 2026 - 04:29 PM (IST)
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा) : शहर में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दंपती ने अपनी 3 साल की इकलौती बेटी के साथ आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान जतिंद्र उर्फ जतिन (30), उसकी पत्नी मंजू उर्फ युक्ता (28) और मासूम अद्विका के रूप में हुई है। घटना से पहले दंपती ने 18-20 पेज का सुसाइड नोट लिखने के साथ-साथ परिजनों को शेड्यूल मैसेज भी भेजे, जो उनके निधन के बाद सामने आए।
'थार-लैपटॉप में बेटी की निशानी रख लेना'
मिली जानकारी के अनुसार जतिंद्र कुमार रेलवे मेल सर्विस में कार्यरत था। उसके पिता महेंद्र सिंह पंजाब पुलिस से एएसआई पद से रिटायर्ड थे, जिनका करीब 6 महीने पहले निधन हो चुका है। परिवार में अब उसकी मां बिमला देवी ही बची हैं, जबकि उसका भाई प्रतीक कनाडा में रहता है। सुसाइड नोट में जतिंद्र ने अपने भाई के लिए कई भावुक संदेश छोड़े। एक मैसेज में उसने लिखा—“भाई, मैंने एक महीने पहले ही थार गाड़ी खरीदी है, जिस पर अद्विका का स्टीकर लगा है। उसे उसकी निशानी समझकर संभाल कर रखना। लैपटॉप से उसकी फोटो कभी मत हटाना।” इसके अलावा उसने भाई को प्रॉपर्टी से जुड़े निर्णयों को लेकर भी सलाह दी कि “अभी घर मत बेचना, क्योंकि प्रॉपर्टी के रेट कम हैं।”
बेटी के जन्मदिन के दिन दंपती ने मासूम सहित दी जान
बताया जा रहा है कि दंपती ने आत्महत्या का दिन भी पहले से तय कर रखा था। 19 अप्रैल की रात इस घटना को अंजाम दिया गया, जबकि अगले दिन उनकी बेटी अद्विका का जन्मदिन था। परिजनों के अनुसार, पिछले वर्षों में अद्विका का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाता था। मामले में सामने आया है कि अद्विका लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। जन्म के करीब 6 महीने बाद ही उसकी असामान्य गतिविधियों का पता चला। जांच में उसके मस्तिष्क में पानी (हाइड्रोसेफेलस) होने की पुष्टि हुई थी और उसे दौरे भी पड़ते थे। इलाज के लिए परिजन दिल्ली, चंडीगढ़ और अमृतसर तक गए, लेकिन बच्ची की स्थिति में सुधार नहीं हो पाया। इसी वजह से दंपती मानसिक रूप से बेहद परेशान थे।
बच्ची की बीमारी के चलते उठाया ये कदम
थाना कृष्णा गेट के एसएचओ बलजीत सिंह के अनुसार सुसाइड नोट में लिखा गया है कि बच्ची की बीमारी और उसके दर्द को सहन न कर पाने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया और इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार हैं। घटना से पहले जतिंद्र ने अपने जीजा अमित कुमार को सुबह 5:30 बजे का शेड्यूल मैसेज भेजा था, जिसमें लिखा था—“हम आज रात सुसाइड कर रहे हैं। मम्मी को संभाल लेना और तुरंत घर पहुंचना।” जीजा ने सुबह मैसेज पढ़ते ही कॉल की, लेकिन जवाब नहीं मिला। इसके बाद वह तुरंत घर पहुंचे, जहां पहली मंजिल के कमरे में तीनों के शव फंदे से लटके मिले।
पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
पुलिस जांच में सामने आया कि सुसाइड से पहले कमरे का पंखा उतार दिया गया था और छत में लगे हुक से फंदा बनाकर यह कदम उठाया गया। फॉरेंसिक जांच के अनुसार पहले बच्ची को फांसी दी गई, उसके बाद पिता और अंत में मां ने आत्महत्या की। मौत का समय रात 12 से 2 बजे के बीच बताया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। सेक्टर-5 स्थित स्वर्गधाम में मां-बेटी का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया, जबकि जतिंद्र का अंतिम संस्कार अलग किया गया। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।