हरियाणा में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए नया नियम: डॉक्टरों-नर्सों ने नहीं किया से काम, तो छिन जाएगा प्रैक्टिस का हक
punjabkesari.in Sunday, Nov 01, 2026 - 03:47 PM (IST)
चंडीगढ़: हरियाणा में अब डॉक्टरों से लेकर नर्स, फार्मासिस्ट और आयुष चिकित्सकों तक सभी पात्र स्वास्थ्यकर्मियों की डिजिटल पहचान अनिवार्य होगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) में पंजीकरण जरूरी कर दिया है।
नए पंजीकरण या नवीनीकरण के समय जिन स्वास्थ्यकर्मियों के पास एचपीआर आईडी नहीं होगी, उन्हें इसे बनवाने के लिए अधिकतम १० दिन का समय दिया जाएगा। तय समय में आईडी नहीं बनवाने पर उनका अस्थायी पंजीकरण निलंबित कर दिया जाएगा। इसके बाद वे मरीजों का इलाज भी नहीं कर सकेंगे।
एचपीआर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का हिस्सा है। इसके तहत हर पात्र स्वास्थ्यकर्मी को एक अलग डिजिटल पहचान मिलेगी। इससे सरकार को यह जानकारी भी मिल सकेगी कि प्रदेश में कितने डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और अन्य स्वास्थ्यकर्मी काम कर रहे हैं। यदि स्वास्थ्यकर्मी 90 दिन में आईडी नहीं बनवाता है तो उसका अस्थायी पंजीकरण अपने आप निलंबित हो जाएगा। इसके बाद वह मरीजों का इलाज नहीं कर सकेगा। आईडी बनने के बाद उसे 10 दिन में संबंधित परिषद में पंजीकरण बहाल कराने के लिए आवेदन करना होगा। सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बाद ही दोबारा प्रैक्टिस कर सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इस व्यवस्था में डॉक्टर, दंत चिकित्सक, आयुष चिकित्सक, नर्स, एएनएम, जीएनएम, बीएससी और एमएससी नर्सिंग के साथ फार्मासिस्ट और अन्य पात्र स्वास्थ्यकर्मी शामिल होंगे।
इन सभी के लिए संबंधित मेडिकल, नर्सिंग और फार्मेसी परिषदों में नए पंजीकरण या नवीनीकरण के समय एचपीआर आईडी जरूरी होगी। हालांकि, अधिसूचना जारी होने के 30 दिन के भीतर जिन स्वास्थ्यकर्मियों का पंजीकरण या नवीनीकरण होना है, उन्हें आईडी बनवाने के लिए 30 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी जाएगी।
यदि किसी स्वास्थ्यकर्मी के पास एचपीआर आईडी नहीं है तो वह जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। परिषद उसे अधिकतम 90 दिन का अस्थायी पंजीकरण दे सकेगी। इस दौरान वह अन्य कानूनी शर्तें पूरी करने पर मरीजों का इलाज कर सकेगा। परिषद को आवेदन की सही जानकारी मिलने के 10 दिन में सत्यापन करना होगा। आईडी बनवाने के लिए स्वास्थ्यकर्मी को तीन बार याद दिलाया जाएगा। पहला संदेश 30 दिन में, दूसरा 30 से 60 दिन के बीच और तीसरा 75 दिन के बीच मोबाइल, ईमेल पर भेजा जाएगा।