नया जन्म: क्रिकेट खेलते समय सिर में लगी थी चोट, डॉक्टरों ने सर्जरी करके कोमा से बचाया

6/29/2020 4:34:12 PM

फरीदाबाद (सूरजमल): इमरजेंसी की अवस्था में 13 वर्षीय सूरज को कोमा की हालत में सर्वोदय हॉस्पिटल लाया गया जहां न्यूरो सर्जरी विभाग के वरिष्ठ विषेशज्ञ डॉ. पंकज डावर एवं सहायक विषेशज्ञ डॉ. गौरव केसरी ने मिलकर सूरज की सर्जरी करके उसको नया जीवन दिया। 

बता दें कि सूरज (मरीज) बच्चों के साथ क्रिकेट खेल रहा था तभी खेलते वक्त क्रिकेट का बैट उसके सर में लग गया और वह बेहोश हो गया। परिजन बच्चे को उस अवस्था में ही पलवल के निजी हॉस्पिटल में ले गए। जहां उसकी प्राथमिक ईलाज के बाद उसको बड़े मेडिकल संस्थान में भेजने का सुझाव दिया गया। सूरज के परिजन उसको सर्वोदय हॉस्पिटल में ले आए। इस बीच सूरज कोमा में चला गया। 

सर्वोदय हॉस्पिटल के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. पंकज डावर ने बताया कि सूरज को जब हॉस्पिटल में लाया गया तो उसकी चोट को लगभग 5 घंटे हो गए थे और उसको कोमा में गए हुए लगभग 1 घंटा हो चुका था। इस बीमारी को एक्स्ट्रा ड्यूरल हेमाटोमा कहा जाता है, यदि मरीज 2 घंटे से अधिक कोमा में रहे तो उसकी रिकवरी की संभावना उतनी ही कम हो जाती है, इसलिए तुरंत मरीज को हॉस्पिटल में आते ही सर्जरी के लिए ऑपरेशन थिएटर में स्थानांतरित कर दिया गया। 

सर्वोदय हॉस्पिटल के सहायक न्यूरो सर्जन डॉ. गौरव केसरी ने बताया कि यह दौर कोरोना का चल रहा है और हम मरीज की कोरोना की रिपोर्ट का इंतजार नहीं कर सकते थे इसलिए हमने पूरी सावधानी बरतते हुए उसके दिमाग का ऑपरेशन करके उस हेमाटोमा (क्लॉट) को निकाल दिया। मरीज की हॉस्पिटल आने के 1 घंटे के भीतर ही ऑपरेशन करके उस कोमा से रिकवर किया गया। ऑपरेशन के बाद उसकी हालत में सुधार होने लगा और जल्दी ही वह वापस होश में आ गया। ऑपरेशन के 3 दिन बाद उसे हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई। 

सर्वोदय हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. राकेश गुप्ता ने पूरी न्यूरो सर्जरी टीम को सफल ऑपरेशन की बधाई देते हुए बताया कि हम चाहते हैं कि हम हर प्रकार की बीमारियों और ऑपरेशन को जरुरी गंभीरता के साथ सफल ईलाज तक पहुँचाए इसलिए हम आधुनिक मेडिकल तकनीक के साथ अनुभवी डॉक्टरों को अपने हॉस्पिटल का हिस्सा बना रहे हैं। इस प्रकार के ऑपरेशन का सफल होने में समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


Shivam

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