14 साल बाद भी नहीं मिला रास्ता, दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर 36 गरीब परिवार...हर बार दिया जाता आश्वासन

punjabkesari.in Wednesday, May 20, 2026 - 07:55 AM (IST)

रेवाड़ी (महेंद्र भारती) : रेवाड़ी के गांव राजपुरा इस्तमुरार के ग्रामीण मंगलवार को रेवाड़ी जिला सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने जिला उपायुक्त अभिषेक मीणा और डीडीपीओ अंकित चौहान से उनके प्लॉटों तक आने-जाने के लिए रास्ता दिलाने की मांग की। 

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा वर्ष 2012 में गांव के 36 गरीब परिवारों को मुफ्त 100-100 वर्ग गज के प्लॉट आवंटित किए गए थे, लेकिन इतने वर्षों के बाद भी प्रशासन उन्हें वहां तक पहुंचने के लिए रास्ता उपलब्ध नहीं करा पाया है। जिला सचिवालय पहुंची महिलाओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने प्लॉट आवंटित कर उनकी रजिस्ट्री भी कर दी, लेकिन रास्ता नहीं होने के कारण वे आज तक वहां अपना आशियाना नहीं बना पाई हैं। उनका कहना है कि स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकार की जनकल्याणकारी योजना का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक नहीं पहुंच पा रहा है। 

रास्ता न मिलने पर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर परिवार 

ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर रास्ते की मांग कर चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। रास्ता नहीं मिलने के कारण ये परिवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं और आज भी अपने मकान बनाने का सपना अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द प्लॉटों तक आने-जाने का रास्ता उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सरकार द्वारा दिए गए प्लॉटों पर अपने घर बनाकर सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। अब देखने वाली बात यह होगी कि इन गरीब परिवारों को अपने हक के रास्ते के लिए आखिर और कितने वर्षों तक संघर्ष करना पड़ेगा।

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)         

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Manisha rana

Related News

static