करोड़ों की ठगी में मास्टरमाइंड फरार, बैंक खाता उपलब्ध कराने वालों को गिरफ्तार कर गुड़गांव पुलिस लूट रही वाहवाही
punjabkesari.in Tuesday, Aug 25, 2026 - 02:12 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): लोगों से इनवेस्टमेंट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड तक कानून के लंबे हाथ आज तक नहीं पहुंच पाए हैं। वहीं, ठगी करने वाले इस गिरोह को बैंक खाता उपलब्ध कराने वालों को गिरफ्तार कर गुड़गांव पुलिस वाहवाही लूट रही है। करोड़ों रुपए की ठगी से महज कुछ लाख रुपए ही रिकवरी करने को गुड़गांव पुलिस अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही है। आज फिर गुड़गांव पुलिस ने इनवेस्टमेंट के नाम पर 13 करोड़ 80 लाख रुपए ठगने वाले गिरोह को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी का बखान गुड़गांव पुलिस जोर-शोर से कर रही है। यह ठगी पीड़ित के साथ नवंबर 2024 में हुई थी। शिकायत के आधार पर साइबर थाना ईस्ट पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
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पुलिस के मुताबिक, स्पेशल साइबर क्राइम यूनिट, सेक्टर-56 की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं बैंकिंग ट्रेल के आधार पर कार्रवाई करते हुए 21 अगस्त को नीरज को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। आरोपी नीरज को 21 अगस्त को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया जिसके बाद आरोपी से पूछताछ के आधार पर 22 अगस्त को सूरज सरोज को देहरादून, सुरजीत कुमार उर्फ मानस को शिमला तथा प्रशांत शर्मा व तेज प्रताप सिंह शेखावत को देहरादून/शिमला क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आए बैंकिंग ट्रेल के अनुसार, ठगी गई राशि में से करीब 5 लाख रुपए Gupta Industries के करेंट बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। आरोपी निखिल गुप्ता ने पूछताछ में बताया कि उसने उक्त बैंक खाता आरोपी मनजीत ददयान को 50 हजार रुपए में बेचा था। आरोपी मनजीत ददयान ने बताया कि उसने उक्त बैंक खाता आगे आरोपी नीरज को 60 हजार रुपए में बेचा था। आरोपी नीरज ने पूछताछ में बताया कि उसने उक्त बैंक खाता आरोपी सूरज के माध्यम से आरोपी सुरजीत को 90 हजार रुपए में बेचा था।
पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि आरोपी सुरजीत कुमार उर्फ मानस Telegram के माध्यम से चाइनीज साइबर फ्रॉड करने वाले व्यक्तियों से जुड़ा हुआ था। सुरजीत अपने अन्य साथियों सूरज सरोज, प्रशांत शर्मा व तेज प्रताप सिंह शेखावत के साथ मिलकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध करवाता था तथा उक्त नेटवर्क से जुड़कर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने में सहयोग करता था। आरोपियों द्वारा उपलब्ध करवाए गए बैंक खातों का प्रयोग साइबर ठगी की राशि प्राप्त करने एवं आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी सुरजीत उर्फ मानस को Telegram के माध्यम से Joy नामक व्यक्ति ने अलग-अलग Telegram ग्रुपों में जोड़ा था। सुरजीत इन ग्रुपों में बैंक खातों की जानकारी शेयर करता था तथा इसके बदले Cryptocurrency/Binance के माध्यम से भुगतान प्राप्त करता था। आरोपी सुरजीत अपने अन्य साथी के माध्यम से उक्त राशि को अलग-अलग स्थानों से नकद प्राप्त करता था।
पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल बरामद किए गए हैं। इनमें आरोपी नीरज से 1, सूरज सरोज से 1, सुरजीत कुमार उर्फ मानस से 2, प्रशांत शर्मा से 1 तथा तेज प्रताप सिंह शेखावत से 1 मोबाइल फोन बरामद हुआ है। बरामद मोबाइल का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस द्वारा आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। सूरज सरोज व सुरजीत कुमार उर्फ मानस को 1 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया, जबकि नीरज, प्रशांत शर्मा व तेज प्रताप सिंह शेखावत को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। मामले अब तक कुल 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन 40 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी अब तक लोगों से धोखाधड़ी करने वाले मास्टर माइंड को पुलिस आज तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है।