विदेश भेजने के नाम पर ठगी: जर्मनी का झांसा देकर रूस-बेलारूस में फंसाने वाले गैंग की महिला एजेंट मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार
punjabkesari.in Friday, Oct 23, 2026 - 07:55 PM (IST)
पानीपत (सचिन): पानीपत से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवक को जर्मनी भेजने का झांसा देकर रूस और बेलारूस में फंसाने के मामले में इसराना पुलिस ने दिल्ली निवासी शारदा को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। दो साल पहले दर्ज मुकदमें की जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते का इस्तेमाल विदेश भेजने के नाम पर पैसों की ट्रांजेक्शन के लिए किया गया था। उसके खाते में 3.19 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। आरोपी के विदेश में होने के कारण उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था। बहरीन से भारत लौटने पर उसे मुंबई एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है।
इसराना पुलिस के जांच अधिकारी जगपाल सिंह ने बताया कि मामले में पहले एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान शारदा के बैंक खाते का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उसके खिलाफ एलओसी जारी था। विदेश से लौटने पर मुंबई एयरपोर्ट पर उसे पकड़ लिया गया। अब रिमांड के दौरान उससे खाते में आए 3.19 लाख रुपये और मामले में उसकी भूमिका को लेकर पूछताछ की जाएगी।
12 लाख रुपये में जर्मनी भेजने का दिया था झांसा
मामले में नौल्था गांव निवासी सत्यवान ने शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उसके बेटे सचिन को जर्मनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की गई। शिकायत के अनुसार, सचिन ने 12वीं तक पढ़ाई करने के साथ आईटीआई से फीटर ट्रेड का कोर्स किया था, लेकिन वह बेरोजगार था। इसी दौरान पड़ोसी कमल के माध्यम से उसकी मुलाकात जींद जिले के मरदाना खेड़ा निवासी सतनाम उर्फ मालवा से हुई। सतनाम ने सचिन को जर्मनी भेजकर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और इसके लिए 12 लाख रुपये मांगे।
शिकायतकर्ता के अनुसार, शुरुआत में तय हुआ था कि सचिन के जर्मनी पहुंचने के बाद पैसे दिए जाएंगे, लेकिन बाद में उसे रूस भेज दिया गया। वहां पहुंचने के बाद सतनाम ने रास्ते के खर्च के नाम पर 3.50 लाख रुपये ले लिए। सचिन के रहने, खाने और अन्य खर्चों पर एक लाख रुपये अलग से खर्च हुए। इसके बावजूद उसे जर्मनी नहीं भेजा गया।
बेलारूस में फंसा रहा युवक, परिवार ने लाखों रुपये खर्च किए
शिकायत के मुताबिक, बाद में करनाल जिले के मूनक निवासी श्याम लाल ने सचिन को जर्मनी पहुंचाने का भरोसा दिया। उसने इसके लिए आठ लाख रुपये मांगे। छह अक्तूबर 2023 को सचिन को रूस के मॉस्को से बेलारूस ले जाया गया। इस दौरान अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सात अक्तूबर को 5.30 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से भेजे गए। इसके अलावा फोन-पे, यूपीआई और नकद के जरिए भी रकम दी गई।
सत्यवान ने शिकायत में बताया कि उसके बेटे को जर्मनी पहुंचाने के बजाय बेलारूस में छोड़ दिया गया। सचिन कई महीने तक वहां फंसा रहा। उसके रहने, खाने और सुरक्षित भारत लौटने के इंतजाम में परिवार को करीब चार लाख रुपये और खर्च करने पड़े। आखिरकार सचिन मुश्किलों के बाद भारत लौट सका।
बैंक खाते में रकम आने की जांच कर रही पुलिस
शिकायतकर्ता ने सतनाम और श्याम लाल पर धोखाधड़ी, विश्वासघात और विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने के आरोप लगाए थे। उसने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और रकम वापस दिलाने की मांग की थी। इसी मामले की जांच के दौरान शारदा के बैंक खाते में 3.19 लाख रुपये ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किस उद्देश्य से खाते में भेजी गई थी और इस पूरे मामले में शारदा की क्या भूमिका रही।