जाम कम करने के लिए मंथन करने बैठे अधिकारी, जलभराव रोकने पर भी हुई चर्चा
punjabkesari.in Wednesday, Jan 28, 2026 - 07:23 PM (IST)
गुड़गांव,(ब्यूरो): राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्यक्ष संतोष कुमार और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पीसी मीना के बीच एनएचएआई कार्यालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पारस्परिक महत्व के प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया और गुरुग्राम में ट्रैफिक कम करने के कार्यों और बेहतर कनेक्टिविटी परियोजनाओं के समन्वित कार्यान्वयन के लिए एक कार्य योजना को अंतिम रूप दिया गया। बैठक के दौरान, सड़क अवसंरचना, कनेक्टिविटी, भीड़भाड़ कम करने और सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित कई मामलों पर चर्चा की गई, जिसमें संबंधित एजेंसियों के बीच घनिष्ठ समन्वय के माध्यम से कार्यों के निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया।
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राजीव चौक के डी-कंजेशन कार्य होगा तेज
बैठक का एक प्रमुख एजेंडा शहर के सबसे महत्वपूर्ण चौराहों में से एक, राजीव चौक के डी-कंजेशन से संबंधित था। इस खंड पर यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए दो एलिवेटेड ग्रेड सेपरेटर की योजना बनाई जा रही है। दिल्ली से सोहना की ओर जाने वाले यातायात के लिए एनएच-48 के मुख्य कैरिजवे से एनएच-248ए के मुख्य कैरिजवे तक एक लेफ्ट-टर्न एलिवेटेड रैंप का प्रस्ताव है, जिसमें सर्विस रोड के लिए एग्जिट की भी व्यवस्था होगी।
इसके अतिरिक्त, सोहना से दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए एनएच-248ए के मुख्य कैरिजवे से एनएच-48 के मुख्य कैरिजवे को जोड़ने वाला एक राइट-टर्न एलिवेटेड रैंप प्रस्तावित है। इसमें एनएच-248ए की सर्विस रोड से आने वाले यातायात को भी एलिवेटेड राइट-टर्न रैंप तक पहुंच की सुविधा प्रदान की जाएगी। यह निर्णय लिया गया कि सोहना और मुंबई एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने तथा ट्रैफ़िक को कम करने के लिए इस विषय को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण हेतु आवश्यक भूमि से संबंधित मुद्दों सहित किसी भी बाधा के समाधान के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ चर्चा की जाएगी।
नरसिंहपुर पर एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रस्ताव; डीपीआर तैयार की जाएगी
एनएचएआई द्वारा नरसिंहपुर के साथ लगभग तीन किलोमीटर लंबे एलिवेटेड स्ट्रेच के निर्माण का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया, जिससे इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर यातायात जाम को कम किया जा सके। एनएचएआई के अध्यक्ष द्वारा प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए गए। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा नरसिंहपुर सर्विस लेन पर लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या के समाधान के लिए बादशाहपुर तक जीएमडीए द्वारा स्टॉर्म वॉटर ड्रेन बिछाया जा रहा है। जल निकासी व्यवस्था की दक्षता बढ़ाने के लिए एनएचएआई द्वारा एनएच-48 पर एक कल्वर्ट का निर्माण किया जाएगा तथा इस कार्य के क्रियान्वयन के लिए दोनों एजेंसियां संयुक्त रूप से योजना तैयार करेंगी।
एनएच-48 पर बनेंगे नए एफओबी पैदल यात्रियों की सुरक्षा होगी बेहतर
एनएच-48 पर सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए फुटओवर ब्रिज (एफओबी) के विकास के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। यह निर्णय लिया गया कि जीएमडीए उन विभिन्न स्थानों की पहचान करेगा जहां पैदल यात्रियों के सुरक्षित आवागमन के लिए एफओबी की आवश्यकता है। एनएचएआई इन एफओबी के निर्माण का कार्य करेगा, जिन्हें आगे के रखरखाव के लिए जीएमडीए को सौंप दिया जाएगा। इन एफओबी में रैंप और लिफ्ट की सुविधा होगी तथा दोपहिया वाहनों की नियोजित आवाजाही की भी व्यवस्था की जाएगी, जिससे मुख्य कैरिजवे पर यातायात का दबाव कम किया जा सके और पैदल यात्रियों की सुरक्षा बेहतर हो।
मानसून के दौरान अंडरपास में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए संयुक्त निरीक्षण
मानसून के दौरान एनएचएआई के अधीन कुछ अंडरपास में जलभराव/बाढ़ की समस्या पर भी बैठक में विचार-विमर्श किया गया। यह निर्देश दिए गए कि जीएमडीए और एनएचएआई की इंजीनियरिंग विभाग चिन्हित स्थानों का संयुक्त निरीक्षण करेंगी और स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज कनेक्टिविटी के आवश्यक कार्य करेंगी, ताकि मानसून के दौरान बरसाती पानी का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, मानसून से पहले, दोनों प्राधिकरणों के संबंधित अधिकारी उन सभी महत्वपूर्ण स्थानों का संयुक्त निरीक्षण करेंगे जहां बरसाती पानी निकासी व्यवस्था या सीवरेज समाधान की आवश्यकता है, और एक कार्य योजना तैयार करेंगे। एनएचएआई के अध्यक्ष और जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने गुरुग्राम में आवागमन, सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा में सुधार लाने वाले कार्यों के समय पर कार्यान्वयन के लिए मजबूत अंतर-एजेंसी समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि आम जनता को लाभ हो सके।