मुनाफा कमाने का प्रलोभन देकर ठगी करने वाले तीन आरोपी काबू
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 08:26 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): वाट्सऐप ग्रुप व फर्जी मोबाइल ऐप के माध्यम से स्टॉक ट्रेडिंग एवं आईपीओ में निवेश करके अधिक मुनाफा कमाने का प्रलोभन देकर ठगी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चाइनीज बास के निर्देशों पर साइबर ठगी से बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई राशि को दूसरे बैंक खातों (लेयरिंग) में ट्रांसफर करने की वारदातों में अंजाम देने में आरोपी संलिप्त थे।
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पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर 2025 को एक पीड़ित व्यक्ति द्वारा पुलिस थाना साइबर अपराध मानेसर जिला गुरुग्राम में शिकायत दी गई। जिसमें आरोप लगाया गया कि वाट्सऐप ग्रुप व फर्जी मोबाइल ऐप के माध्यम से स्टॉक ट्रेडिंग एवं आईपीओ में निवेश करके अधिक मुनाफा कमाने का प्रलोभन देकर उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। इस शिकायत पर पुलिस थाना साइबर अपराध मानेसर में केस दर्ज किया गया। थाना प्रबंधक निरीक्षक मनोज कुमार की टीम ने इस मामले की जांच करते हुए इस संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया। इस अपराध में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान यूपी के गाजियाबाद निवासी विशाल, धर्मेंद्र और हापुड़ के असलम के रूप में हुई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी विशाल व धर्मेंद्र को गांव खोड़ा, गाजियाबाद से गिरफ्तार करके दो दिन के रिमांड पर लिया। आरोपी असलम को लक्ष्मी नगर, दिल्ली से गिरफ्तार करके दो दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया।
आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस केस में ठगी गई राशि में से तीन लाख रुपये एक रतिक अहमद नामक व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। रतिक के उस बैंक खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का सिम कार्ड आरोपी विशाल रखता था। बाद में विशाल ने यह सिम कार्ड अपने एक अन्य साथी को प्रयोग करने के लिए दे दिया था। आरोपी विशाल व धर्मेंद्र ने यह भी स्वीकार किया कि ये साइबर ठगी करने वाले आरोपी असलम के लिए कार्य करते थे और इन्हें प्रतिमाह 20 हजार रुपये वेतन के रूप में मिलते थे। बीती 11 जनवरी 2026 को लक्ष्मी नगर, दिल्ली स्थित आरोपी असलम के किराए के मकान पर पुलिस टीम द्वारा रेड करके उसे गिरफ्तार किया गया।