अलविदा 2020: मुख्यमंत्री मनोहर लाल की टीम के लिए कोरोना काल रहा चुनौती पूर्ण

12/28/2020 12:26:31 AM

चंडीगढ़(धरणी): अलविदा 2020-सुस्वागतम् 2021! कोरोना काल, लॉकडाउन, अनलॉक सबकी पीड़ा से निकलने के लिए वैक्सीन के इंतजार में सभी लोग यह दुआएं कर रहे हैं। यह वर्ष हरियाणा में भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की टीम के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री मनोहर की विश्वसनीय टीम में किसकी क्या भूमिका रही पर एक विशेष रिपोर्ट-

नीरज दफ्तुआर (प्रिंसिपल ओएसडी)
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की विश्वसनीय टीम में सबसे भरोसेमंद मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल ओएसडी नीरज नीरज दफ्तुआर के दायित्व भी ऐसे दौर में चुनौतीपूर्ण रहा। सरकारी विज्ञापनों और उनके भुगतान में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन रिलीज ऑर्डर और बिलिंग सिस्टम ईआरपी सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की भूमिका में डिजिटल सुधार लाने में इनकी अहम भूमिका रही। मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल ओएसडी नीरज दफ्तुआर जहां एसिशिंशियल सर्विसिस से संबंधित सभी विभागों में समन्वय के चैलेंजिंग रोल में नजर आते हैं, वहीं हरियाणा में सभी को आवश्यकता अनुसार हर सामान मुहैया हो, मेडिसन की कमी न हो। सभी जिलों के अधिकारियों से बराबर रिपोट्र्स लेना व मुख्यमंत्री के आदेशों को कार्यान्वित करवा एक्शन टेकन रिपोर्ट लेने पर इनकी भूमिका रहती है। मुख्यमंत्री के अधिकांश कार्यों को गंभीरता से इम्प्लीमेंट करवाना। सारे हरियाणा की प्रशासनिक, राजनैतिक गतिविधियों पर मुख्यमंत्री को समय-समय पर ब्रीफ करना। मुख्यमंत्री के हर संदेश को कम्प्लाइन्स करवाना सभी दायित्व सजगता से निभा रहे हैं।



नीरज दफ्तुआर मुख्यमंत्री मनोहरलाल की कोर टीम का हिस्सा हैं। कोरोना को लेकर समय-समय पर मिल रही चुनौतियों पर सलाह देना व कार्यान्वित करवाने के कार्य सहित सभी से समन्वय रख रहे हैं। गठबंधन की इस सरकार में सभी से समन्वय सबसे बड़ी चुनौती है। नीरज दफ्तुआर सीएम द्वारा दी गई सभी जिम्मेदारियों का निर्वाह बखूबी कर रहे हैं। नीरज प्रशासनिक व राजनैतिक कार्यों में पूर्णतय: दक्ष हैं। मिलनसार, व्यवहार कुशल, मधुरभाषी होने के कारण उनके अनुभवों का लाभ हरियाणा को मिल रहा है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल द्वारा अपनी विश्वसनीय टीम द्वारा मिले इनपुट्स के आधार पर हर दिन की रणनीति तैयार करने में आसानी रहती है। लॉकडाउन व अनलॉक के दौरान प्रतिदिन लोगों से टीवी चैनल्स के माध्यम से संवाद व डिजिटल प्रेस कांफ्रेंसिस कर जनता का मनोबल भी बढ़ाने की सामाजिक पहल भी की गई। मुख्यमंत्री की प्रतिदिन लोगों से टीवी चैनल्स के माध्यम से संवाद व डिजिटल प्रेस कांफ्रेंसिस को सार्थक व सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका नीरज नीरज दफ्तुआर व इनकी टीम की रही।

डीएस ढेसी (मुख्य प्रधान सचिव हरियाणा)


हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के मुख्य प्रधान सचिव अब सेवानिवृत्त आईएएस डीएस ढेसी हैं। इस पद पर उनकी नियुक्ति सभी के लिए चौंकाने वाली रही। डीएस ढेसी ने राजेश खुल्लर की जगह ली। इसके लिए डीएस ढेसी ने एचईआरसी से इस्तीफा दिया था। आईएएस डीएस ढेसी ईमानदार अधिकारियों में गिने जाते हैं और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्रियों के प्रधान सचिव भी रह चुके हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव आईएएस राजेश खुल्लर कि नियुक्ति वल्र्ड बैंक के सदस्य के तौर पर हो चुकी है जिसके बाद उनकी जगह अब डीएस ढेसी संभालेंगे। ढेसी चीफ सेक्रेटरी पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। हरियाणा में पहली बार किसी सेवानिवृत्त अधिकारी को इस पद पर नियुक्ति मिली है।

वी उमा शंकर (प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री)

हरियाणा के सीएम मनोहरलाल ने मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में वी उमाशंकर को मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया। वी उमाशंकर अभी तक मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। उमाशंकर को निवर्तमान प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के स्थान पर मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बनाया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विश्वस्त टीम शामिल उमाशंकर आई टी सैक्टर में मजबूत पकड़ रखतें हैं।

संजीव कौशल (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा चकबंदी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव)


संजीव कौशल द्वारा प्रदेश में जमीनों की नए सिरे से कलेक्टर रेट तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजस्व विभाग की ओर से इसे लेकर शेड्यूल जारी करते हुए सभी कमिश्नर और डीसी को दिशा-निर्देश भी दिए गए। अगले साल मार्च तक कलेक्टर रेट जारी कर दी जाएगी। यह काम पूरा होने के बाद आखिरी रेट निर्धारित किए जाएंगे। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के एसीएस संजीव कौशल ने सभी कमिश्नर और डीसी को संबंधित जिलों में प्रत्येक तहसील में कॉलोनी या क्षेत्र के लिए कलेक्टर रेट तय करने व समयनुसार प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए गए हैं। तहसील और उप-तहसील में प्रत्येक कॉलोनी या क्षेत्र के कलेक्टर रेट का आंकलन करने के लिए एक समिति बनाई जाएगी। समिति गैर-सरकारी लोगों से परामर्श लेगी, जो संबंधित क्षेत्रों में संपत्ति की बाजार दरों के बारे में जानकारी रखते हों। समिति सर्वे भी करेगी। आपदा प्रबंधन विभाग की जो भी गाइडलाइन्स हैं , वह सब इनके विभाग द्वारा ही जारी होती हैं। (एसीएस कृषि एवं सहकारिता विभाग) रहते सनीव कौशल ने किसानों से सीधे रूप से जुड़े विभागों के चुनौतिपूर्ण दायित्वों का सफल निर्वाह व मेरा पानी मेरी विरासत जैसे सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट बिना विरोध के सार्थक कर संजीव कौशल ने अपनी योग्यता व सार्थकता प्रमाणित की।

राजीव अरोड़ा (गृह व स्वास्थ्य विभाग के एसीएस)


आयुष्मान भारत योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक अशोक कुमार मीणा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की महानिदेशक अमनीत पी कुमार और टीम के सदस्य डॉ. सविता मंधार कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन), मोहित जूनियर प्रोग्रामर, मीनाक्षी डाटा एंट्री ऑपरेटर को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। राजीव अरोड़ा हरियाणा गृह व स्वास्थ्य विभाग के एसीएस हैं। हरियाणा में वैक्सीन आने की तैयारियों को लेकर इनकी रणनीति व मीटिंगों के दौर लगातार जारी हैं। कोरोना के काल में स्वस्थ्य विभाग के एसीएस राजीव अरोड़ा की परफॉर्मेंस भी अव्वल दर्जे की चल रही है।

कोरोना काल में हर दिन मिल रही चुनोतियों में राजीव अरोड़ा के पास किस जिले व शहर की क्या स्थिति है? कभी भी कोई भी पूछ सकता है। हरियाणा के 22 जिलों में सब चीजों को ठीक रखने किसी भी जगह ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की कोई दिक्कत तो नहीं को ठीक रखने में ही इनकी व्यस्तता देखते ही पता लगती है। मोबाइल, व्हाट्सएप, फोन, वीसी सब इनकी दिनचर्या का हिस्सा हैं। कोरोना के समय में स्वास्थ्य विभाग के एसीएस राजीव अरोड़ा व इनकी टीम के लिए भी चुनौतीपूर्ण रहा है। पहले दिन से ही स्वास्थ्य विभाग के पास सबसे बड़ी चुनौती जहां कोविड -19 अस्पताल बनाने की थी। वहीं कोरोना का सामना करने के लिए व्यापक इंतजामों को करने की भी रही। हरियाणा में कोरोना टेस्ट करवाने व अस्पताल बनाने का दायित्व भी स्वास्थ्य विभाग के पास था। एंटीजन टेस्टिंग आज इनके सार्थक प्रयासों से जगह जगह उपलब्ध है। सीरो सर्वे भी हरियाणा में हो चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय क्योंकि अनिल विज के पास है, इसलिए विज के नेतृत्व में सारी टीम काम में जुटी रही। फलस्वरूप राजीव अरोड़ा व मेडिकल एजुकेशन के एसीएस आलोक निगम इनकी टीम के लिए यह समय अग्नि परीक्षा का रहा। अनिल विज क्योंकि हर चीज की खुद मॉनिटरिंग कर रहें हैं, अफसरों की कसरत भी बढ़ गई।

पीके दास (एसीएस खाद्य एवं आपूर्ति विभाग)


लॉकडाउन से अब तक सबसे पहली व बड़ी चुनौती हरियाणा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एसीएस पीके दास के समक्ष थी कि लोगों को उनके घरों तक दूध, सब्जियां, फल व अनाज नियमित रूप से मिले उसकी कमी न आए। जिसमें हरियाणा सरकार को शाबासी मिली, खाद्य सुरक्षा में हरियाणा हर मोर्चे पर कामयाब रहा। इसके लिए पीके दास व उनके विभाग की पूरी टीम के सार्थक प्रयास जनता की कसौटी पर खरे उतरे। हरियाणा में प्रति वर्ष होने वाले धान घोटाले पर जहां दास ने विराम लगाया वहीं 85 करोड़ की अनियमितताएं पकड़ी तथा रिकवरी भी की। अनलॉक पीरियड में होने वाले उन दिनों सैनेटाइजर व मास्क भी पर्याप्त मात्रा में नहीं थे। इस दौरान कई कालाबाजारी की घटनाएं सामने आई।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ मिल कर बड़ी कार्यवाही भी की तथा सभी चीजों के दाम ताय किए। कोरोना लॉकडाउन 1 से 4 के दौरान ही सरसों की खरीद व गेहूं की खरीद की व्यवस्था की दो बड़ी चुनौतियां खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के समक्ष आई, जिसे विभाग ने पूरा करवाया। प्रदेश में फसलों की खरीद को सरल बनाने के लिए ई खरीद पोर्टल की शुरुआत करने के लिए खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास, सूचना प्रौद्योगिकी इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार विभाग के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक चंद्र शेखर खरे, हरियाणा वेयरहाऊसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक राजीव रतन और टीम के सदस्य मुनीश चंदन एचएसईएमटी, आशीष जग्गी सलाहकार एमएमटी, अनिल कुमार डेवलपर और परवेज खान वरिष्ठ प्रोग्रामर को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

आलोक मित्तल (सीआईडी चीफ हरियाणा)


13 अप्रैल 2016 को हरियाणा सीआईडी विभाग के चीफ बने अनिल राव के उत्तराधिकारी के रूप में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आईपीएस अधिकारी आलोक मित्तल को चुना है। जुलाई महीने में नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) में डेपुटेशन पूरा करके लौटे हरियाणा कैडर के सीनियर आईपीएस आलोक मित्तल को क्रिमिनल इनवेस्टीगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) का एडीजीपी बनाया गया है। हालांकि डेपुटेशन के बाद उन्हें सीआईडी का ओएसडी नियुक्त किया गया था। इस संबंध में नए आदेश गुरुवार को गृह विभाग के एसीएस विजय वर्धन ने जारी किए हैं। वर्ष 2014 में हरियाणा में भाजपा सरकार पहली बार सत्ता में आई तो मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने अपने सबसे भरोसेमंद आईपीएस शत्रुजीत कपूर को पहला सीआईडी चीफ बनाया। सीआईडी चीफ के पद पर दूसरी ताजपोशी के बाद 13 अप्रैल 2016 को हरियाणा सीआईडी विभाग के चीफ बने अनिल राव 31 जुलाई 2020 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री मनोहरलाल के अत्यंत विश्वसनीय अनिल राव, खट्टर के पौने 6 साल के शासन काल में 4 वर्ष से अधिक इस महत्वपूर्ण पद पर रह उनके आंख, नाक, कान का काम बखूबी करते रहे। अब तीसरे सीआईडी चीफ के रूप में आलोक मित्तल लगाए गए हैं। हरियाणा सीआईडी की कमान अब पूरी तरह से 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक मित्तल के हाथ आ गई है। सरकार ने उन्हें एडीजीपी सीआईडी नियुक्त किया। आलोक मित्तल अनुभवी आईपीएस अफसर हैं। 5 साल 2 महीने तक केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान वह राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी में रहे इससे पहले व चार साल तक सीबीआई में भी सेवाएं दे चुके हैं। हरियाणा का उन्हें खासा अनुभव है। वह पंचकूला, फरीदाबाद, पानीपत व रोहतक में एसपी रह चुके हैं। एसपी रहने के दौरान उन्होंने अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। फरीदाबाद में उनके कार्यकाल में शुरू हुई योजनाएं प्रदेश भर में लागू हुईं। वह गुरुग्राम में संयुक्त आयुक्त, पुलिस का जिम्मा भी संभाल चुके हैं।

पीसी मीणा (डीपीआर हरियाणा)


सरकार के सभी निर्णय व मुख्यमंत्री का हर संदेश सीधा जनता तक पहुंच सके का चुनौतीपूर्ण दायित्व डीपीआर पीसी मीणा द्वारा निर्वाह किया जा रहा है। सरकारी विज्ञापनों और उनके भुगतान में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन रिलीज ऑर्डर और बिलिंग सिस्टम ईआरपी सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खंडेलवाल, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक पीसी मीणा व विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) वर्षा खंगवाल और प्रदीप कौशल सीनियर तकनीकी निदेशक एनआईसी को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री मनोहरलाल की विश्वशनीय टीम विपत्ति के कोरोना काल मे दिन-रात सक्रिय रही है।

पीसी मीणा को फोटोग्राफी का जबरदस्त शौक है। इनके द्वारा डीपीआर कार्यालय को पूर्णतय: हाईटेक किया जा रहा है। जिसका लाभ कोरोना काल में विभाग व सरकार को मिल रहा है। वेब पॉलिसी भी इन्हीं के प्रयासों से लाई जा रही है। मीणा द्वारा लोक संपर्क विभाग के अंदर व्यापक फेरबदल, नए-नए परिवर्तन कर इस विभाग की पुरानी परम्पराओं को लाइन पर लाने के प्रयास कोरोना काल में लगातार किए गए। ब्रेेेकिंग, नवीन टीम सूचनाएं तुरंत प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक ले जाने की व्यवस्था, वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रेस कांफ्रेंसिस करवाने के सफल प्रयोग मीणा ने किए। 


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Shivam

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