सोनीपत में सरकारी भूमि घोटाला उजागर, कॉलोनाइजर कंपनी के प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स पर केस
punjabkesari.in Monday, May 25, 2026 - 11:18 AM (IST)
हरियाणा डेस्क : शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की अधिग्रहित सरकारी भूमि को अवैध रूप से बेचने का मामला सामने आने के बाद सोनीपत प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए हैं। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी की शिकायत पर कुंडली थाना पुलिस ने कॉलोनाइजर कंपनी के प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
एचएसवीपी के संपदा अधिकारी सिद्धार्थ ने रविवार को बताया कि यह कारर्वाई उपायुक्त सोनीपत कार्यालय और भू-अधिग्रहण अधिकारी, रोहतक की रिपोटर् के आधार पर की गई है। रिपोटर् के अनुसार, गांव नांगल कलां स्थित खसरा नंबर 14//8 मिन (5 कनाल 7 मरला) की भूमि वर्ष 2011 में सेक्टर डिवाइडिंग रोड 61-63 एवं 59-64 के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। इसके अतिरिक्त खसरा नंबर 14//9/1 (7 कनाल 17 मरला) तथा 12/2/1 (3 कनाल 12 मरला) की भूमि वर्ष 2007 में अर्बन एस्टेट सोनीपत के सेक्टर डिवाइडिंग रोड 62-63 के लिए अधिग्रहित की गई थी। आरोप है कि इस सरकारी भूमि की जुलाई 2019 में सब-रजिस्ट्रार राई कार्यालय में सेल डीड रजिस्ट्रेशन नंबर 2232 के माध्यम से अवैध रूप से खरीद-फरोख्त की गई। पुलिस के अनुसार, यह रजिस्ट्री मेसर्स सनशाइन कॉलोनाइजर लिमिटेड के प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स, मैनेजिंग डायरेक्टर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता चंद्र प्रकाश, निवासी जिला करनाल, द्वारा अरविंद कौर अरोड़ा उफर् अरविंद अरोड़ा के पक्ष में करवाई गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त सोनीपत ने अधिग्रहित भूमि की खरीद-बिक्री में शामिल दोनों पक्षों के खिलाफ आपराधिक कारर्वाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित लाइसेंस नंबर-50 (वर्ष 2013) और सेल डीड को रद्द करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। कुंडली थाना पुलिस ने 23 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी रिकॉडर् खंगाले जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कारर्वाई की जाएगी।