रोजगार में 75% आरक्षण को मिली राज्यपाल की मंजूरी,  कंपनियों को 3 महीने में देनी होगी पदों की जानकारी

2021-06-10T10:37:47.41

ब्यूरो: हरियाणा के युवाओं को 75% आरक्षण के कानून को हरियाणा के राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है, अब यह प्रस्ताव एक कानून बन गया है। आपको बता दें कि प्रदेश की बीजेपी-जेजेपी गठबंधन सरकार ने बजट सत्र में यह प्रस्ताव पास कर राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा था।

राज्यपाल की मंजूरी के बाद सरकार ने इसको लेकर अधिसूचना जारी की है। यह कानून 10 से अधिक कर्मचारी वाली फर्मों पर मान्य होगा। अब सरकार ने 3 माह के अंदर सभी प्राइवेट कंपनियों से विशेष पोर्टल पर 50 हजार से कम वेतन वाले पदों की पूरी जानकारी मांगी है। सभी निजी कंपनी को 3 महीने में बताना बताना होगा कि 50 हजार तक की तनख्वाह वाले कितने पद हैं और इन पर हरियाणा से कितने लोग काम कर रहे हैं।

10 वर्ष के लिए प्रभावी होगा ये कानून
बता दें कि प्रदेश में प्राइवेट कंपनियों, फर्म सोसायटियों, न्यास आदि को अपने यहां नौकरी पर 75% आरक्षण के तहत हरियाणा के युवाओं को रोजगार देना होगा। यानी के हर 4 में से 3 प्राइवेट नौकरी हरियाणा में हरियाणा के लोगों के लिए होगी। हर 4 में आखिरी बची एक प्राइवेट नौकरी ही हरियाणा के बाहर के लोगों को मिल पाएगी। यह कानून 10 वर्ष के लिए प्रभावी होगा। यदि कोई अवश्यकता हो तो सरकार 2 वर्षों में संशोधन कर सकती है। फिलहाल नौकरी कर रहे लोगों पर कानून का कोई असर नहीं पड़ेगा। यह कानून नई नौकरियों व खाली पदों पर लागू होगा।

नियम नहीं मानने पर लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन रद्द
अगर किसी ने हरियाणा के लोगों को ही 75 फीसदी फीसदी नौकरी देने का नियम नहीं माना तो जुर्माने के साथ कंपनी का लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन तक रद्द हो सकता है। जो कंपनी इस नियम को पूरी तरह लागू करेगी उसे सरकार इंसेटिव देगी।

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Content Writer

Isha

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