लोगों की सोच बदलकर गुड़गांव और हरियाणा को दिया जाएगा नया स्वरूप- प्रमोद कौशिक
punjabkesari.in Thursday, Sep 24, 2026 - 12:49 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): आरडब्ल्यूए समाज का बड़ा हिस्सा है जिसे साथ लेकर चलना हमारी जिम्मेदारी है। आरडब्ल्यूए, एनजीओ और प्राइवेट इंस्टीट्यूट मिलकर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग करें और अपनी सहभागिता को निभाएं। इस नई पहल के साथ ही गुड़गांव ही नहीं पूरे भारत को नया स्वरूप दिया जा सकता है। यह बात स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा की स्टेट लेवल टास्क फोर्स के वाइस चेयरमैन प्रमोद कौशिक ने कही। वे आज गुड़गांव के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में नगर निगम अधिकारियों के साथ स्वच्छता को लेकर बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज लोगाें को जागरुक करने के साथ ही सोच बदलने की भी जरूरत है। जब हम विदेश में जाते हैं और नेपकिन को यूज करते हैं तो उसे फेंकने के लिए डस्टबिन ढूंढते हैं। अगर डस्टबिन नहीं मिलता तो हम उसे जेब में डाल लेते हैं, लेकिन भारत में आते ही हर व्यक्ति की मानसिकता बदल जाती है और वह खुले में ही कूड़ा डालने लगते हैं। इस सोच के परिवर्तन में ही यह सामाजिक संस्थाएं अपनी अहम भूमिका निभा सकती हैं और इस कार्य को करने के लिए पूरे हरियाणा में प्रयास किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि स्वच्छता गुड़गांव के लिए एक अहम टास्क है। गुड़गांव की स्थिति का मैसेज पूरे देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी जाता है। इसलिए हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम गुड़गांव को स्वच्छ रखें। गुड़गांव को साफ रखने के लिए ही नगर निगम अधिाकारियों से चर्चा की गई है। डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन को लेकर लंबे समय का टेंडर जारी हो गया है। इसका वर्क ऑर्डर भी दो दिन में जारी हो जाएगा। इसके अलावा हड़ताल पर गए नगर निगम के सफाई कर्मचारी भी वापस लौट आए हैं। ऐसे में इसका सकारात्मक परिणाम अब गुड़गांव में देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में किए गए कार्यों के बाद गुड़गांव में सकारात्मक बदलाव आए हैं। यहां जलभराव की समस्या का समाधान काफी हद तक हो गया है। पानी की निकासी भी दो से तीन घंटे में हो जाती है। उन्होंने कहा कि राजनीति करने वाले कुछ भी बोल सकते हैं, लेकिन जो बदलाव हुआ है उसे स्वीकार भी करना होगा। उन्होंने कहा कि गुड़गांव में विकास कार्य सही प्रकार से किए जाएं इसके लिए भी सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। आरडब्ल्यूए से भी तालमेल करके कार्य किए जा रहे हैं ताकि कमीशनखोरी पर रोक लगाई जा सके।