हरियाणा सरकार का सख्त आदेश; ट्रैप केस में फंसे कर्मचारियों की बदलेगी तैनाती, जमानत के बाद पुराने स्टेशन पर नहीं मिलेगी पोस्टिंग

punjabkesari.in Tuesday, Oct 27, 2026 - 08:24 PM (IST)

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा सरकार ने विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो के ट्रैप और छापेमारी मामलों में रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर सख्त कदम उठाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमानत पर रिहा होने के बाद ऐसे अधिकारी-कर्मचारी उसी पद और स्टेशन पर तैनात नहीं रह सकेंगे, जहां वे गिरफ्तारी से पहले कार्यरत थे। उन्हें संबंधित क्षेत्राधिकार से दूर दूसरे स्टेशन पर स्थानांतरित करना होगा।

मुख्य सचिव कार्यालय के सतर्कता विभाग की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश का उद्देश्य लंबित मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखना है। सरकार के अनुसार, ऐसे मामलों में आरोपित कर्मचारियों की पुराने स्टेशन पर तैनाती रहने से शिकायतकर्ताओं और अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित करने, डराने या उन पर दबाव डालने की आशंका बनी रह सकती है।

आसपास के जिलों से बाहर तैनाती को प्राथमिकता
आदेश के अनुसार, ट्रैप या छापेमारी के दौरान रंगे हाथों पकड़े गए और जमानत पर चल रहे अधिकारियों-कर्मचारियों को उसी पद और स्टेशन पर तैनात नहीं किया जाएगा। उनका तबादला संबंधित क्षेत्राधिकार से दूर किसी अन्य स्टेशन पर किया जाएगा। इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर आसपास के जिलों की सीमा से बाहर तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शिकायतकर्ता और गवाह किसी अनुचित प्रभाव में न आएं। हालांकि, जिला कैडर के अधिकारियों और कर्मचारियों के मामले में उन्हें उसी जिले के किसी अन्य दूरस्थ स्टेशन पर स्थानांतरित किया जाएगा।

न्यायिक हिरासत में बंद कर्मचारियों पर भी लागू होंगे निर्देश
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये निर्देश केवल वर्तमान में जमानत पर रिहा अधिकारियों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं हैं। जो अधिकारी-कर्मचारी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जमानत पर रिहा होने के बाद उनकी तैनाती भी इसी व्यवस्था के तहत की जाएगी। इस तरह मुकदमे की सुनवाई लंबित रहने के दौरान उनकी तैनाती को लेकर स्पष्ट व्यवस्था लागू रहेगी।

सभी विभागों को सख्ती से पालन कराने के निर्देश
सतर्कता विभाग ने आदेश प्रदेश के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, पुलिस महानिदेशक, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों एवं निगमों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य प्रशासकों को भेजा है। इसके अलावा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल तथा प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को भी निर्देशों से अवगत कराया गया है।

सरकार ने संबंधित अधिकारियों को आदेशों की जानकारी अधीनस्थ अधिकारियों तक पहुंचाने और इनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देशों की अनुपालना में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

सरकार के इस कदम से ट्रैप मामलों में आरोपित कर्मचारियों की तैनाती को लेकर निगरानी व्यवस्था मजबूत होने और शिकायतकर्ताओं व गवाहों को संभावित दबाव से बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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Content Editor

Krishan Rana

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