हरियाणा में प्रदूषण पर ''डिजिटल'' प्रहार, खुलेंगे 18 नए मॉनिटरिंग स्टेशन...जानिए क्या है सरकार का मेगा प्लान
punjabkesari.in Sunday, Apr 12, 2026 - 03:27 PM (IST)
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य में बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को सुधारने और प्रदूषण के स्रोतों की सटीक पहचान करने के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है। प्रदेश में जल्द ही 18 नए वायु प्रदूषण निगरानी केंद्र (Air Monitoring Stations) खोले जाएंगे। इसके साथ ही, दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मौजूदा 7 केंद्रों की क्षमता का विस्तार किया जाएगा ताकि रियल-टाइम डेटा के आधार पर प्रदूषण के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सके।
नए स्टेशनों से क्या बदलेगा?
अब तक हरियाणा के कई जिलों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मापने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे। 18 नए स्टेशन खुलने से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में भी प्रदूषण के स्तर की सटीक जानकारी मिल सकेगी। प्रशासन को यह पता चल सकेगा कि किस खास इलाके में धूल, धुआं या औद्योगिक कचरा हवा को खराब कर रहा है।इसके साथ ही ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) को लागू करने में मदद मिलेगी।
NCR में 7 केंद्रों का विस्तार
दिल्ली-NCR में प्रदूषण एक गंभीर समस्या है। इसे देखते हुए हरियाणा के उन 7 प्रमुख स्टेशनों को अपग्रेड किया जा रहा है जो दिल्ली बॉर्डर के करीब हैं। इनमें सेंसर तकनीक और डेटा ट्रांसमिशन को आधुनिक बनाया जाएगा, ताकि दिल्ली-हरियाणा के बीच प्रदूषण के 'क्रॉस-बॉर्डर' मूवमेंट को ट्रैक किया जा सके।
बायोमेडिकल कचरे पर भी सख्ती
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा के 7,000 अस्पतालों से निकलने वाले करीब 22 टन बायोमेडिकल वेस्ट का भी अब शत-प्रतिशत निपटान किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश में 11 विशेष सुविधाएं (Common Bio-medical Waste Treatment Facilities) काम कर रही हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का साझा लक्ष्य है कि साल 2026 तक प्रदेश के प्रमुख शहरों में प्रदूषण के स्तर में 15 से 20 प्रतिशत तक की कमी लाई जाए। इसके लिए सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।