निर्भया फंड से महिलाओं की सुरक्षा के लिए हरियाणा का बड़ा टेक्नोलॉजी प्लान, पिंक PCR और वर्किंग वुमन पोर्टल होंगे लॉन्च
punjabkesari.in Monday, Jul 06, 2026 - 02:37 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा सरकार महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के निर्भया फंड के तहत 100 से 200 करोड़ रुपये तक की विभिन्न परियोजनाओं का प्रस्ताव भेजा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य महिलाओं तक त्वरित पुलिस सहायता पहुंचाना, डिजिटल सुरक्षा नेटवर्क विकसित करना और अपराध की स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करना है।
डीजीपी अजय सिंघल के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने इन योजनाओं की तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। सरकार का फोकस केवल अपराध के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं को समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपलब्ध कराना होगा।
महिलाओं के लिए बनेगा अलग पिंक पीसीआर नेटवर्क
प्रस्तावित योजना के तहत पहली बार महिलाओं के लिए समर्पित पिंक पीसीआर नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इन विशेष पुलिस वाहनों की तैनाती उन क्षेत्रों में की जाएगी, जहां महिलाओं की आवाजाही अधिक रहती है या महिला अपराधों की घटनाएं अपेक्षाकृत ज्यादा होती हैं।छेड़छाड़, पीछा करने, घरेलू हिंसा, सार्वजनिक स्थानों पर उत्पीड़न और अन्य महिला संबंधी शिकायतों पर यही टीमें सबसे पहले मौके पर पहुंचेंगी। इससे पुलिस की प्रतिक्रिया समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
वर्किंग वुमन पोर्टल बनेगा सुरक्षा का डिजिटल प्लेटफॉर्म
सरकार वर्किंग वुमन पोर्टल को महिलाओं के लिए एकीकृत डिजिटल सुरक्षा मंच के रूप में विकसित करेगी। इस पोर्टल पर सुरक्षा संबंधी शिकायत दर्ज कराने, हेल्पलाइन से जुड़ने, आपातकालीन सहायता मांगने और अन्य आवश्यक सेवाओं की सुविधा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।विशेष रूप से नौकरीपेशा महिलाओं को पुलिस और प्रशासन से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से इस पोर्टल को तैयार किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
महिला सुरक्षा ढांचे का होगा विस्तार
राज्य सरकार पहले ही सात नए महिला पुलिस थाने और 150 नई इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल्स शुरू करने की घोषणा कर चुकी है। अब निर्भया फंड की प्रस्तावित परियोजनाओं को इसी नेटवर्क से जोड़कर महिला सुरक्षा की एक समग्र और तकनीक आधारित व्यवस्था तैयार करने की योजना है।इससे शिकायत दर्ज होने से लेकर पुलिस के मौके पर पहुंचने और जांच पूरी होने तक की पूरी प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनने की उम्मीद है।
निर्भया फंड क्यों है महत्वपूर्ण
दिसंबर 2012 के निर्भया कांड के बाद केंद्र सरकार ने वर्ष 2013 में निर्भया फंड की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य राज्यों को महिला सुरक्षा से जुड़ी आधुनिक परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। इस फंड के माध्यम से देश के कई राज्यों में सेफ सिटी प्रोजेक्ट, वन स्टॉप सेंटर, सीसीटीवी निगरानी, हेल्पलाइन और तकनीक आधारित पुलिसिंग जैसी योजनाएं लागू की जा चुकी हैं।
डीजीपी का बयान
हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़ी कई परियोजनाओं के लिए निर्भया फंड के तहत 100 से 200 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलने की उम्मीद है। पिंक पीसीआर, वर्किंग वुमन पोर्टल और तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था के माध्यम से महिलाओं को तेज, प्रभावी और भरोसेमंद पुलिस सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।