''टीबी मुक्त भारत'' अभियान में हरियाणा की बड़ी छलांग, निक्षय मित्र पंजीकरण में देश में हासिल किया दूसरा स्थान...
punjabkesari.in Thursday, Jul 02, 2026 - 08:18 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): प्रधानमंत्री के 'टीबी मुक्त भारत' संकल्प को जनभागीदारी से साकार करने की दिशा में हरियाणा ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 'टीबी मुक्त भारत ऐप' पर 32 हजार से अधिक पंजीकरण के साथ प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेशवासियों से 'निक्षय मित्र' बनकर टीबी मरीजों को गोद लेने, उन्हें पोषण, उपचार और मानसिक-सामाजिक सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित यह डिजिटल प्लेटफॉर्म मरीजों, स्वयंसेवकों, निक्षय मित्रों और स्वास्थ्य विभाग को एक मंच पर जोड़कर टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति दे रहा है तथा हरियाणा को देश का पहला टीबी मुक्त राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
आरती सिंह राव ने बताया कि एप पर अब तक कुल पंजीकरणों की संख्या 32,643 तक पहुंच गई है, जिससे हरियाणा कुल पंजीकरण के मामले में देश भर में दूसरे स्थान पर आ गया है। इस ऐप पर हरियाणा के 22,266 स्वयंसेवकों ने मरीजों को भोजन की टोकरी (पोषण किट) के वितरण और मानसिक-सामाजिक सहायता प्रदान करने के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि 1,997 नए निक्षय मित्रों ने मरीजों को गोद लेने और उन्हें पोषण संबंधी व नैदानिक सहायता देने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।
आरती सिंह राव ने बताया कि स्वयंसेवक भोजन के पैकेटों के भौतिक वितरण की जिम्मेदारी उठा सकते हैं और पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिलीवरी के समय जियो-टैग्ड (स्थान की जानकारी युक्त) और टाइम-स्टैम्प (समय की जानकारी युक्त) वाली तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं।
चैटबॉट टीबी रोगी देख सकता है उपचार चार्ट
स्वास्थ्य मंत्री ने एप की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस एप में 'खुशी ई-संगिनी' नाम से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट शामिल है, जो 12 भाषाओं में उपलब्ध है। यह चैटबॉट टीबी के लक्षणों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ जीपीएस के जरिए उपयोगकर्ताओं को नजदीकी जांच केंद्र ढूंढने में भी मदद करता है।
यह ऐप पूरी तरह से मरीज-केंद्रित है, जहां टीबी के मरीज अपनी 'निक्षय आईडी') का उपयोग करके लॉग इन कर सकते हैं और अपना व्यक्तिगत उपचार चार्ट देख सकते हैं। इसके साथ ही, मरीजों को समय पर दवा लेने के लिए प्रेरित करने के लिए इसमें दैनिक दवा रिमाइंडर (अलार्म) की विशेष सुविधा दी गई है ताकि उनका इलाज बीच में न छूटे।
निक्षय मित्र बनकर इस सामाजिक कार्य में योगदान दें
नेशनल हेल्थ मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आर एस ढिल्लों ने बताया कि ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों जैसे एसटीएस, एसटीएलएस टीबीएचवी और सीएचओ को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया है ताकि वे मरीजों के मोबाइल में एप डाउनलोड करवाकर उनके दैनिक दवा रिमाइंडर को सेट करने में मदद कर सकें।
उन्होंने लोगों से टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक रहने और निक्षय मित्र बनकर इस सामाजिक कार्य में अपना बहुमूल्य योगदान देने का आह्वान किया है, ताकि सक्रिय जनभागीदारी के माध्यम से हरियाणा देश का पहला टीबी मुक्त राज्य बनने की राह पर अग्रणी बना रहे।
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