ट्रांसफर ड्राइव में मनमानी पर HC का सख्त संदेश, 6 माह में तबादला असंवैधानिक, नीति से ऊपर कोई आदेश नहीं

punjabkesari.in Sunday, Feb 01, 2026 - 04:13 PM (IST)

चंडीगढ़ : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड की ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव में सामने आई अनियमितताओं पर करारा प्रहार करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि नीति से ऊपर कोई भी प्रशासनिक सुविधा या तात्कालिक आदेश नहीं हो सकता। 

जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने असमर सिंह व अन्य मामले में कहा कि नव-प्रोमोटेड जूनियर इंजीनियर्स को महज 6 माह में नैशनल कैटेगरी में डालना न केवल भेदभावपूर्ण है बल्कि स्वयं निगम की ट्रांसफर पॉलिसी, 2025 का खुला उल्लंघन है। अदालत ने दो टूक कहा जब नीति न्यूनतम 2 वर्ष का कार्यकाल तय करती है तो उसे तोड़ कर लिया गया कोई भी निर्णय न्यायिक कसौटी पर टिक नहीं सकता।

याचिकाकर्ताओं में से 6 जूनियर इंजीनियर 29 जुलाई 2025 को प्रोमोट हुए और 30 जुलाई 2025 को ज्वाइन किया, जबकि सातवें याचिकाकर्ता को 29.08.2025 को प्रोमोशन मिला और 08.09.2025 को ज्वाइनिंग हुई। इसके बावजूद 7 जुलाई 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी में निर्धारित 2 वर्ष के न्यूनतम कार्यकाल को दरकिनार करते हुए, 15.01.2026 की संशोधित सूची में इन्हें अचानक नैशनल कैटेगरी में डाल दिया गया। याचिकाकर्ताओं के वकील कर्मबीर बनियाना का आरोप था कि कट-ऑफ 31.12.2025 तय होने के बावजूद निगम ने 31.10.2025 तक का ही डेटा लेकर उनकी वरिष्ठता और कार्यकाल को गलत ढंग से प्रभावित किया। 20.12.2024 को नियुक्त अन्य जूनियर इंजीनियर्स और 28.08.2025 को ट्रांसफर हुए जे.ई.-1 जैसे समान स्थिति वाले कर्मचारियों को सूची से बाहर रखा गया जो चयनात्मकता और स्पष्ट भेदभाव को उजागर करता है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Manisha rana

Related News

static