रेवाड़ी जिला न्यायालय में ताला लगाने की घटना, बार प्रधान ने कानून व्यवस्था बनाए रखने में निभाई जिम्मेदार भूमिका
punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 05:56 PM (IST)
रेवाड़ी(महेंद्र भारती): जिला न्यायालय परिसर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एक व्यक्ति द्वारा कोर्ट गेट पर ताला लगाए जाने का मामला सामने आया। इस घटना से न्यायालयीन कार्य प्रभावित होने की आशंका बन गई। मामले की सूचना मिलते ही जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ताले को तुड़वाया गया, ताकि न्यायिक कार्य सुचारु रूप से जारी रह सके।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि न्यायालय एक संवैधानिक संस्था है, जहां इस प्रकार की हरकतें न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि आम नागरिकों के न्याय पाने के अधिकार में भी बाधा उत्पन्न करती हैं। ऐसे में ताला लगाना एक गैरकानूनी और असंवैधानिक कृत्य है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

बार प्रधान ने इस पूरे घटनाक्रम में संयम और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मौके पर मौजूद लोगों को शांत किया और पुलिस को सूचना देकर संबंधित व्यक्ति को उनके हवाले किया। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के साथ कठोरता करना नहीं, बल्कि न्यायालय की गरिमा, सुरक्षा और कार्यप्रणाली को बनाए रखना है।
बार प्रधान ने मांग की कि ताला लगाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह न्यायिक व्यवस्था को बाधित करने का दुस्साहस न कर सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बार एसोसिएशन सदैव कानून के दायरे में रहकर कार्य करती है और न्यायालय परिसर में अनुशासन व शांति बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और न्यायालय परिसर में सामान्य स्थिति बहाल कर दी गई। इस पूरे मामले में बार एसोसिएशन की तत्परता से एक बड़ा व्यवधान टल गया और न्यायिक कार्य निर्बाध रूप से जारी रहा।

इसी से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। उसने कहा कि यदि वकील पेश नहीं होते तो मामलों को खारिज किया जाए या सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को न्याय मिलने में देरी न हो। वहीं, जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र ने बुजुर्ग पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे तथाकथित आरटीआई एक्टिविस्ट और ब्लैकमेलर बताया। उन्होंने कहा कि कोर्ट गेट पर ताला लगाकर बुजुर्ग ने जनता को नुकसान पहुंचाया है और उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी जा रही है।
इस घटना ने न्याय के मंदिर कहे जाने वाले कोर्ट परिसर में कानून व्यवस्था और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुजुर्ग की सरेआम पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों की नजरें पुलिस कार्रवाई और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।