बिजली गुल, पानी के लिए दर-दर भटके लोग: सोनीपत में त्राहिमाम, हड़ताल की चेतावनी के बीच अनिश्चितकालीन संकट के आसार
punjabkesari.in Friday, Oct 23, 2026 - 04:44 PM (IST)
सोनीपत(सुशील मोर): सोनीपत में बिजली संकट के चलते लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। बिजली और पानी की किल्लत से गुस्साए कॉलोनीवासियों ने दिल्ली रोड पर जाम लगा दिया। वहीं बिजली नहाने की वजह से लघु उद्योग चलने वाले लोग भी परेशान हैं कहना यही है कि तेल ज्यादा का जल चुका है और परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं वहीं बिजली कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और कहना यही है कि जल्द मांगे पूरी नहीं होती है तो हड़ताल अनिश्चितकालीन भी हो सकती है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कल से बिजली नहीं आ रही है, जिससे पानी की समस्या भी गंभीर हो गई है। हालात यह हैं कि लोग गलियों में जनरेटर चलाकर पानी भरते नजर आए और पानी की तलाश में इधर से उधर भटकते दिखे। दुकानदार भी अपनी दुकानों पर जनरेटर रखकर काम करने को मजबूर हैं। पानी की समस्या को लेकर सोनीपत की आम जनता खासी परेशान है और इलाके में जैसे बिजली का ब्लैकआउट हो गया है।
वही जाम की सूचना मिलते ही सेक्टर 27 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। पुलिस ने शाम 4 बजे तक बिजली आपूर्ति सुचारू होने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया है। वही बिजली संकट का असर केवल आम जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि लघु उद्योगों पर भी पड़ रहा है। फैक्ट्री चलाने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें किराए पर जनरेटर मंगवाने पड़ रहे हैं, और जितना बिजली का बिल नहीं आता, उससे ज्यादा वे तेल में खर्च कर चुके हैं। स्थिति यह है कि फैक्ट्रियों से आधे से ज्यादा लेबर वापस जा चुकी है। जो पीने का पानी पहले 10 से 20 रुपये में मिल रहा था, वह अब 50 रुपये में मिल रहा है। स्थानीय लोगों और
बिजली न आने की वजह से पानी संकट से भी लोग बहुत ज्यादा परेशान है कहना यही है कि पानी न होने की वजह से घर में खाना तक नहीं बन रहा है। बिजली कर्मचारी सोनीपत की इंदिरा कॉलोनी में बिजली घर में धरने पर बैठे हुए हैं और कहना यही है कि सरकार जानबूझकर हमारी मांग पूरी नहीं कर रही है बार-बार सरकार से बातचीत की गई थी लेकिन समाधान नहीं हुआ बिजली का अगर निजीकरण होता है तो आम आदमी पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा।आम जनता के परेशानियों पर बोलते हुए कहा कि हम भी गांव से ही आते हैं और परेशान हम भी हैं, लेकिन सभी के परेशानियों को देखते हुए हम हड़ताल पर गए हैं अगर बिजली निजी हो गई तो महंगाई और ज्यादा बढ़ जाएगी। वही कहना यही है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी हड़ताल जारी रहेगी और हड़ताल अनिश्चितकालीन भी जा सकती है।