त्यौहार पर महंगाई की मार,  10 रुपए में मिलने वाली राखी मिल रही 40 से 50 रुपए में

punjabkesari.in Wednesday, Aug 10, 2022 - 11:08 AM (IST)

बहादुरगढ़ (प्रवीण धनखड़): भाई बहन के पवित्र प्रेम के त्यौहार रक्षाबंधन पर भी महंगाई की मार दिखाई दे रही है। बाजारों में 10 रुपये में मिलने वाली राखी इस बार 40 से ₹50 में मिल रही है। रक्षाबंधन के त्यौहार को लेकर बहादुरगढ़ में दुकानें सजी हुई है। रंग बिरंगी और अलग-अलग डिजाइन की राखियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए बाजार में बहनों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। लेकिन यह बहने महंगी राखियां देखकर काफी परेशान हो रही है। इतना ही नहीं इस बार चांदी से बनी राखियां भी महंगाई की भेंट चढ़ी हुई है। स्वर्णकार का कहना है कि चांदी की राखियां इस बार नहीं बिक रही। जबकि पिछली बार चांदी से बनी राखियों की भारी बिक्री हुई थी।

भाई और बहन के अटूट प्रेम और सम्मान का त्योहार रक्षाबंधन नजदीक है। इसीलिए बाजार त्यौहार के मद्देनजर सजे हुए हैं रंग बिरंगी सुंदर सुंदर राखियां बाजार में दिखाई दे रही है। लेकिन इस रक्षा सूत्र पर भी महंगाई का असर देखने को मिल रहा है। आमतौर पर 10 रुपये में जो राखिया मिलती थी। वे इस बार 40 से 50 रुपये में दुकानों पर मिल रही है। महंगी राखियां देखकर अपने भाइयों के लिए राखी खरीदने आई बहने भी परेशान हैं। महिलाओं का भी कहना है कि 5 से ₹10 में जो राखियां उन्हें बाजार में मिलती थी। इस बार उनके दाम दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं।

साधारण धागे से बनी राखियां तो फिर भी बहने अपने भाइयों के लिए खरीद रही हैं। लेकिन इस बार चांदी से बनी राखियां ना के बराबर बिक रही हैं। बहादुरगढ़ के स्वर्णकार ओमप्रकाश का कहना है कि पिछली बार की तरह ही वह इस बार भी भारी मात्रा में चांदी की राखियां बेचने के लिए लेकर आए थे। लेकिन इस बार कोई भी चांदी से बनी राखियों को नहीं खरीद रहा। जबकि पिछली बार जमकर चांदी से बनी निवासियों की बिक्री हुई थी। स्वर्णकार चांदी से बनी राखियां नहीं बिकने के कारण परेशान है। क्योंकि राखियों का स्टॉक नहीं बिका तो स्वर्णकार की कमाई भी नहीं होगी। महंगाई ने रक्षाबंधन के त्यौहार की रोनक पर भी ग्रहण लगा दिया है। हालांकि महंगाई के बीच भी बहनों में भाई की कलाई पर राखी बांधने का जोश बना हुआ है। पूरे उत्साह के साथ महिलाएं बाजारों में आ रही हैं और अपने भाई के लिए मनपसंद लड़ाई की खरीद रही है।

 


 


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Content Writer

Isha

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