जेल में जेई, दफ्तर में हाजिरी! रिटायर्ड क्लर्कों को 15 हजार का ''महीना'' देकर चल रहा था खेल, ऐसे खुला पूरा मामला
punjabkesari.in Tuesday, Jul 07, 2026 - 11:43 AM (IST)
पानीपत: पंचकूला में गिरफ्तार नगर निगम के जूनियर इंजीनियर (जेई) रोहित सैनी को लेकर एक और खुलासा हुआ है। निगम से रिटायर हो चुके दो क्लर्क पानीपत नगर निगम कार्यालय में आकर जेई की फर्जी हाजिरी लगा रहे थे। 1 जुलाई को रोहित को पंचकूला में गिरफ्तार किया गया था। हैरत की बात है कि गिरफ्तारी के अगले दिन भी निगम कार्यालय में उसकी हाजिरी रजिस्टर में लगाई हुई थी।
मामले का खुलासा होने पर नगर निगम कमिश्नर डॉ. पंकज राव ने सभी कर्मचारियों की हाजिरी की जांच कराने और अब फेस रिकग्निशन आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंट प्रणाली लागू करने के आदेश दिए हैं। जो भी कर्मचारी-अधिकारी दोषी पाया गया, उस पर कार्रवाई होगी।
हाजिरी के बदले रिटायर्ड क्लर्कों को हर माह मिल रहे थे 15 हजार
सूत्रों के अनुसार, रिटायर्ड क्लर्क ओमवीर व सोमवीर के पास नगर निगम कार्यालय में हाजिरी लगाने की जिम्मेदारी है। दोनों ही क्लर्क को जेई द्वारा 5 हजार रु. महीना रिश्वत दी जा रही थी। इन दोनों क्लर्क के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश निगम कमिश्नर ने दे दिए हैं।
जेई पर 3.50 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप
जेई रोहित पर हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन से बकाया ₹2.50 करोड़ का भुगतान कराने और विजिलेंस जांच से बचाने का झांसा देकर 3.50 करोड़ की ठगी करने का आरोप है। रोहित ने ठगी दिल्ली के शिव प्रकाश सिंह से की। शिव प्रकाश जानी-मानी खेल सामग्री निर्माता कंपनी शिव नरेश प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। रोहित को पंचकूला में 1 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। उसे कोर्ट ने 8 दिन के रिमांड पर भेजा था। इस दौरान उसके बैंक खातों, पैसों के लेनदेन और इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जाएगी। पुलिस इस साजिश के मुख्य सूत्रधार रोहित के भाई मोहित की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी कर रही है। पहले दीपांशु को गिरफ्तार किया गया था, जिसके खाते में ठगी की रकम आई थी।