Justice: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 साल की कठोर सज़ा, ब्लैकमेल कर स्कूल की छात्रा को फंसाया
punjabkesari.in Wednesday, Jan 21, 2026 - 07:24 PM (IST)
सोनीपत (सन्नी मलिक) : सोनीपत की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज नरेंद्र की कोर्ट ने छात्रा को बहला-फुसलाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने के आरोपी युवक को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को 20 साल कैद और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माना की राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
सोनीपत निवासी व्यक्ति ने 18 जनवरी, 2024 को सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी 17 जनवरी, 2024 को शहर के सरकारी स्कूल में पढ़ाई के लिए घर से गई थी। उसके बाद वह वापस नहीं लौटी। स्कूल में सहेलियों से पूछताछ में भी बेटी का सुराग नहीं लगा था। पुलिस ने गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।
जहर खाने की धमकी देकर छात्रा को बहकाया
पीड़िता के पिता ने 29 जनवरी, 2024 को बेटी का स्कूल आयु प्रमाण पत्र दिया था, जिसमें उसकी आयु साढ़े 15 साल थी। साथ ही दोबारा बयान दर्ज कराया था कि उनकी बेटी को सोनीपत के देवडू रोड का रहने वाला दक्ष जहर खाने की धमकी दे शादी का झांसा देकर बहकाकर ले गया है। पुलिस ने मामले में बहकाकर ले जाने की धारा जोड़ दी थी। इस बीच महिला बाल विकास की टीम ने 31 जनवरी, 2024 को किशोरी को बरामद कर लिया था।
पीड़िता ने बयान में बताई सच्चाई
इस मामले में छात्रा के 2 फरवरी, 2024 को बयान दर्ज किए थे। जिसमें उसने आरोपी दक्ष पर धमकी देकर बहकाकर ले जाने का आरोप लगाया था। 21 फरवरी, 2024 को आरोपी दक्ष ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। जहां से आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लिया था।
आरोपी ने मसूरी ले जाकर गलत काम किया
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि वह छात्रा को उत्तराखंड में मसूरी ले गया था। वे वहां पर 4-5 दिन रुके थे। उसने छात्रा से गलत काम किया था। वहां से वह मुरथल क्षेत्र में आ गए थे और वहां एक होटल में रुके थे। वहां भी दोनों 5-6 दिन रुके थे। तब उसे पता लग गया कि छात्रा नाबालिग है। उसके बाद वह उसे छोड़कर भाग गया था। पुलिस ने मामले में निशानदेही और सबूत जुटाकर उसे कोर्ट में पेश कर दिया था।
इन धाराओं के तहत सुनाई सज़ा
मामले में सुनवाई करते हुए ASJ नरेंद्र ने आरोपी दक्ष को दोषी करार दिया। बुधवार को अदालत ने दोषी को 6 पॉक्सो एक्ट में 20 साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, भारतीय दंड संहिता की धारा 363 में तीन साल कैद व 2 हजार रुपये जुर्माना, धारा 366 में 5 साल कैद व 3 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर 9 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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