POCSO केस में 6 साल बाद इंसाफ ! रोहतक में 2 सगे भाइयों समेत सभी आरोपियों को कोर्ट ने किया बरी...जानिए मामला
punjabkesari.in Monday, Jul 27, 2026 - 08:10 PM (IST)
रोहतक (दीपक भारद्वाज): रोहतक में करीब छह साल पुराने पॉक्सो और दुष्कर्म के एक चर्चित मामले में जिला अदालत ने सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। इस मामले में दो सगे भाइयों समेत सात लोगों के खिलाफ एक अक्टूबर 2020 को सांपला थाना में केस दर्ज हुआ था। बचाव पक्ष के अनुसार, दो भाई पूरे छह साल तक जेल में रहे और इस दौरान उन्हें हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिल सकी।
बता दें कि मामला 1 अक्टूबर 2020 का है जब आपसी लड़ाई-झगड़े में छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज होने के 24 घंटे बाद मामला पोस्ट को एक्ट में दर्ज हो गया।इसके बाद दोनों सगे भाइयों को निचली अदालत से हाई कोर्ट तक जमानत नहीं मिली और दोनों 6 साल तक जेल में रहे। बचाव पक्ष के वकील का कहना है कि मामला आपसी लड़ाई-झगड़े के बाद दर्ज कराया गया था।
उनका दावा है कि पहले छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ और करीब 24 घंटे बाद उसे दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में बदल दिया गया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 32 में से 26 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सभी पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद रोहतक जिला अदालत में एडिशनल सेशन जज शैलेन्द्र कुमार की अदालत ने आरोप साबित न होने और पर्याप्त सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
फैसले के बाद बचाव पक्ष ने इसे न्याय की जीत बताया, जबकि यह मामला एक बार फिर झूठे मुकदमों और लंबी न्यायिक प्रक्रिया को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। बचाव पक्ष के वकील अभिषेक कुमार ने बताया कि जिला अदालत में मामला पूरी तरह से झूठ मान क्योंकि आपसे लड़ाई झगड़े का मामला में छेड़छाड़ की एफआईआर दर्ज हो गई थी।
लेकिन 24 घंटे बाद दूसरे पक्ष में इसे दुष्कर्म का मामला बता तो उसको एक्ट के तहत मामला दर्ज करवा दिया जिसमें कुल सात आरोपियों पर मामला दर्ज हुआ जिसमें दो सगे भाई 6 साल तक जेल की सजा काटते रहे।
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