कंवर सिंह को आयोग का झटका, बिना शपथ 75 दिन बाद अयोग्य, अब कोर्ट करेगा फैसला

3/17/2021 11:29:40 AM

धारूहेड़ा/रेवाड़ी(मेहेन्द्र): कंवर सिंह ने 30 दिसंबर को निर्दलीय संदीप बोहरा को 632 वोटों से हराकर धारूहेड़ा नपा चेयरमैन का चुनाव जीता था। चुनाव जीतकर कंवर सिंह ने हरको बैंक चेयरमैन के साथ चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। कंवर सिंह के साथ रेवाड़ी नगर परिषद चेयरपर्सन निर्वाचित घोषित हुई पूनम यादव की 18 जनवरी को हुई शपथ के बाद सर्टिफिकेट विवाद में उलझे कंवर सिंह को भी शपथ की उम्मीद बनी, परंतु यह इंतजार खत्म होने से पहले ही निर्वाचन के 75 दिन बाद निर्वाचन आयोग ने सर्टिफिकेट विवाद में कंवर सिंह के निर्वाचन को अयोग्य करार ठहरा दिया। कंवर सिंह के पास संदीप बोहरा की शिकायत पर अयोग्य ठहराने के निर्वाचन आयोग के फैसले को न्यायालय में चुनौती देने का विकल्प बनता है।

पहले से कंवर सिंह  की अपील पर हाईकोर्ट मई माह में सुनवाई करेगी। नामांकन से अयोग्य ठहराने तक चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल उठे हैं। जिस कारण न्यायालय मामला जाने पर चुनाव आयोग को सुनवाई के दौरान अपनी नामांकन छुपाने के साथ कंवर सिंह की तरफ से उठाए जाने वाले सवालों का भी जवाब देना होगा। जिससे निर्वाचन आयोग ने सुनवाई के बाद भले ही सर्टिफिकेट मामले में भले ही कंवर सिंह को अयोग्य ठहरा दिया हो, परंतु द्वारा अयोग्य ठहराए दिया हो, परंतु कंवर सिंह को धारूहेड़ा नपा की कुर्सी मिलेगी या फिर चुनाव होंगे। न्यायालय के फैसले के बाद ही इसका फैसला हो पाएगा। 

शुक्रवार को सुनवाई, सोमवार को फैसला
फर्जी शैक्षणिक सर्टिफिकेट विवाद में निर्वाचन आयोग ने सुनवाई की। शनिवार-रविवार को दो दिन कार्यालयों में अवकाश रहा और सोमवार को कंवर सिंह को अयोग्य ठहराने का फैसला सुना दिया। निर्वाचन के बावजूद पहले शपथ पर रोक तथा अब सुनवाई खत्म होने के अगले ही कार्यदिवस पर फैसला सुनाने में की गई जल्दबाजी को लेकर हर किसी के मन में कई प्रकार के सवाल उठ रहे हैं। 

संदीप बोहरा ने लगाए थे आरोप
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद संदीप बोहरा ने कंवर सिंह द्वारा पेश के लिए 10वें के सर्टिफिकेट को फर्जी बताते हुए शिकायत चुनाव आयोग से की थी। जांच के आदेश मिलने पर डीसी द्वारा एसडीएम के नेतृत्व में गठित जांच कमेटी ने संदीप बोहरा के आरोपों को सही ठहराते हुए डीसी को अपनी रिपोर्ट सौंपी। कंवर सिंह शुक्रवार 12 मार्च को सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से निर्वाचन आयोग के सामने पेश हुए तथा आरोपों पर अपना पक्ष रखा। सोमवार 15 मार्च को आयोग ने अपना फैसला सुनाते हुए कंवर सिंह को अयोग्य ठहरा दिया। 
 
 


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Content Writer

Isha

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