किसान आंदोलन : गलती मानी तो किसान मोर्चा पड़ा नरम, आजाद कमेटी मोर्चा में बहाल

2/12/2021 9:51:25 AM

सोनीपत : किसान संगठनों के बीच तनातनी कमजोर पडऩे लगी है और फिर से किसान नेता एकजुट होने का संदेश देने में सफल हो रहे हैं। जिन संगठनों को संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड का रूट बदलकर जाने के मामले में निलंबित कर दिया था उनमें से एक को माफी मांगने पर फिर से एंट्री मिल गई है जबकि दूसरे संगठन पर मोर्चा विचार कर रहा है। जिस संगठन को मोर्चे का फिर से सदस्य बनाया गया है उसने तर्क दिया है कि भीड़ ज्यादा होने से रास्ता भटक गए थे और रूट बदल गया था। कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर उस संगठन आजाद किसान कमेटी को दोबारा से संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा बना लिया गया है जबकि भाकियू क्रांतिकारी पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है और उसे अभी मोर्चा से निलंबित ही रखा गया है। वहीं अखिल भारतीय किसान सभा सी.पी.एम. व सी.पी.आई. के नेता कार्रवाई से पहले ही अपनी गलती मान चुके हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसान ट्रैक्टर परेड के लिए पहले आऊटर रिंग रोड का रूट तय किया था लेकिन दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक के बाद ट्रैक्टर परेड के सभी धरनास्थलों से अलग-अलग रूट तय किए गए थे। उसके बावजूद ट्रैक्टर परेड के दौरान काफी किसान आऊटर रिंग रोड पर चले गए थे। उसको लेकर ही काफी बवाल हुआ और संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं पर खूब सवाल भी उठे थे। उसके बाद जहां पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने खुद भी छानबीन करवाई थी जिसमें सामने आया था कि भाकियू क्रांतिकारी सुरजीत फूल गुट के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल व आजाद किसान कमेटी के हरपाल सिंह सांगा भी रूट बदलकर आऊटर रिंग रोड पर चले गए थे और उनके साथ काफी किसान भी रूट बदलकर गए थे।

यह मामला सामने आते ही दोनों संगठनों को संयुक्त किसान मोर्चा से निलंबित करके कमेटी से जांच शुरू करवा दी गई थी। आजाद किसान कमेटी के हरपाल सिंह सांगा ने कमेटी के सामने जवाब दिया कि ट्रैक्टर परेड के दौरान काफी भीड़ थी और उनको दिल्ली की सड़कों के बारे में जानकारी भी नहीं थी इसलिए वे गलती से रास्ता भटक गए थे लेकिन उनको जब आगे जाकर इस बारे में पता चला तो वे वापस लौट आए थे। भाकियू क्रांतिकारी के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल के रूट बदलने को लेकर भी यही बात कही गई है जिसके बाद जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में रखी जहां आजाद किसान कमेटी को क्लीन चिट देते हुए दोबारा से संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा बनाने का फैसला लिया गया।

पुन्नावाल व बलदेव सिंह ने खुद ही आगे आकर दे दी सफाई
ट्रैक्टर परेड के दौरान रूट बदलने के कारण जब भाकियू क्रांतिकारी सुरजीत फूल गुट व आजाद किसान कमेटी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जांच शुरू करवाई गई तो अखिल भारतीय किसान सभा सी.पी.एम. के नेता मेजर सिंह पुन्नावाल व अखिल भारतीय किसान सभा सी.पी.आई. के बलदेव सिंह निहालगढ़ खुद ही आगे आ गए। उन दोनों ने अपनी सफाई में संयुक्त मोर्चा को पत्र लिखा कि वे भी रास्ता भटककर दूसरे रूट पर चले गए थे और वे गलती से उस रूट पर गए थे जिससे उन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई थी। संयुक्त किसान मोर्चा ने जिन 2 संगठनों को निलंबित किया था उनमें से आजाद किसान कमेटी के जवाब के साथ ही कमेटी की जांच रिपोर्ट को देखते हुए दोबारा से मोर्चा में शामिल कर लिया गया है। दूसरे संगठन को लेकर अभी कोई फैसला नहीं है और उसको लेकर कमेटी की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं थी। वहीं 2 अन्य संगठनों के प्रमुख भी सफाई दे चुके हैं।

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Content Writer

Manisha rana

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