कोटक महिंद्रा बैंक घोटाला: रिलेशनशिप मैनेजर राघव 4 दिन के रिमांड पर, उगले कई राज

punjabkesari.in Friday, Mar 27, 2026 - 01:13 PM (IST)

चंडीगढ़ : पंचकूला के कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हरियाणा ने बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपी मैनेजर को कोर्ट में पेश किया जहां से पूछताछ के लिए उसका 4 दिन का रिमांड मंजूर हुआ है। बताया गया कि अपराध के समय वह बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर था। आरोप है कि उसने मुख्य आरोपी के साथ मिलीभगत कर म्यूनिसिपल कार्पोरेशन पंचकूला को फिक्स्ड डिपॉजिट (एफ.डी.) के संबंध में झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत कीं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने मुख्य आरोपियों के साथ साजिश कर नगर निगम पंचकूला को एफ.डी. से संबंधित भ्रामक एवं गलत रिपोर्ट्स भेजीं जिससे रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां उत्पन्न हुई। सूत्रों की मानें तो रिमांड दौरान आरोपी ने बैंक व नगर निगम के कई अफसरों के नामों का खुलासा किया है जिस पर ए.सी.बी. आगे जांच में जुटी है।

जानकारी अनुसार नगर निगम पंचकूला द्वारा कोटक महिंद्रा बैंक में लगभग 145 करोड़ से अधिक की 16 एफ.डी. जमा करवाई गई थीं जिनकी परिपक्वता राशि लगभग 158 करोड़ थी। जांच दौरान बैंक द्वारा उपलब्ध करवाए रिकॉर्ड एवं नगर निगम के अभिलेखों में गंभीर अंतर पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि बैंक खातों में दर्शाई गई शेष राशि अपेक्षित राशि से काफी कम है। साथ ही कुछ ऐसे अतिरिक्त बैंक खाते भी सामने आए हैं जो निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे। यह स्थिति स्पष्ट रूप से वित्तीय अनियमितताओं एवं संभावित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करती है। उपरोक्त तथ्यों के आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक के अज्ञात अधिकारियों/कर्मचारियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है।

नगर निगम के पूर्व अकाऊंट अफसर का नाम उगला

पंचकूला नगर निगम के अकाऊंट ऑफिसर विशाल कौशिक का नाम पूरे मामले में सामने आया है। बैंक कर्मियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि विशाल कौशिक ने बैंक खाता खुलवाने व एफ.डी. ट्रांसफर करने में सहयोग किया जिसके बदले उसने कैश और गिफ्ट लिए हैं। विशाल कौशिक फिलहाल कालका नगर परिषद के ए.ओ. के पद पर है। दरअसल पंचकूला नगर निगम की एफ. डी. की राशि प्राइवेट व्यक्ति के अकाऊंट में ट्रांसफर हुई है, उसके बाद चंडीगढ़ के बड़े कारोबारी के खातों में ट्रांसफर हुई है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम उन लोगों की तलाश कर रही है जिनके खातों में यह ट्रांजैक्शन हुई है।

इस तरह से फ्रॉड की मिली जानकारी

हरियाणा के सरकारी विभागों के साथ हुए फ्रॉड का खुलासा हुआ तो अधिकारियों ने कोटक महिंद्रा बैंक को पत्र लिखकर अपनी एफ.डी. को मैच्योर होने पर वापस दिए जाने की बात कही। जिस पर बैंक ने रिप्लाई देते हुए कहा कि इन नंबर तहत आपकी कोई एफ.डी. बैंक के पास नहीं है। कोटक महिंद्रा बैंक का रिप्लाई मिला तो निगम ने एक जांच टीम गठित की। इसमें अकाऊंट अफसर, कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर शामिल रहे। जांच टीम ने रिपोर्ट तैयार कर सरकार और बैंक को फिर से भेजा। बैंक कर्मियों ने फ्रॉड करते समय शातिर दिमाग का प्रयोग किया है। बैंक के रिन्युअल डॉक्यूमेंट हर बार नगर निगम को भेजे गए जिससे अधिकारियों के ध्यान में ही मामला न आए। अधिकारी बिना अकाउंट चैक करवाए ही निश्चिंत रहे।

ऐसे दिया घोटाले को अंजाम

बैंक में नगर निगम द्वारा 2 खाते खुलवाए गए थे। इसके अलावा 2 अलग खाते उन्हीं डॉक्यूमेंट पर अलग से खोल दिए गए। बताया जा रहा है कि बैंक से जुड़ी एक महिला के खाते में भी बड़ी अमाऊंट ट्रांसफर हुई है। निगम अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा रहा कि बैंक में एफ.डी. की रकम हर बार रिन्यूअल हो रही थी लेकिन कभी अधिकारियों ने उसकी जांच करना जरूरी नहीं समझा। अब भी जब रकम वापस लेने के लिए पत्र लिखा गया तो बैंक ने ऑफर दिया कि ज्यादा इंटरस्ट रेट के साथ फिर से एफ.डी. करवा दी जाए लेकिन इस बार नगर निगम के अधिकारी झांसे में नहीं आए जिससे पूरे मामले का खुलासा हो गया।


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Content Writer

Manisha rana

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