अवैध बोरवेल पर नगर निगम गुरुग्राम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई

punjabkesari.in Wednesday, May 27, 2026 - 08:16 PM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): भूजल के अवैध दोहन पर सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की संयुक्त टीम ने बुधवार को ओल्ड दिल्ली रोड स्थित शिव आश्रम परिसर में अवैध बोरवेल के खिलाफ कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान बिना अनुमति भूजल दोहन किए जाने की पुष्टि होने पर संबंधित बोरवेल को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया।

गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक  https://www.facebook.com/KesariGurugram  पर क्लिक करें।


संयुक्त निरीक्षण का नेतृत्व नगर निगम गुरुग्राम के अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका ने किया। उनके साथ कार्यकारी अभियंता प्रवीण राघव तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ/एईई विशाल शौकीन सहित दोनों विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। टीम ने मौके पर पहुंचकर बोरवेल की जांच की और पाया कि भूजल निकासी के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि राजीव यादव उर्फ सोनू यादव, निवासी शिव आश्रम, ओल्ड दिल्ली रोड, उक्त बोरवेल का संचालन कर रहे थे। संयुक्त टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही अवैध बोरवेल को बंद कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की तथा संबंधित व्यक्ति को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति भूजल का दोहन करना पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है और इससे भूजल स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित तथ्यों का संकलन कर आवश्यक दस्तावेज तैयार किए गए तथा मामले की विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की गई।

 

इसके अलावा, इस प्रकरण की सूचना हरियाणा जल संसाधन विभाग को भी भेज दी गई है, ताकि विभाग अपने स्तर पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर सके। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी अवैध बोरवेलों एवं अनधिकृत भूजल दोहन के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम गुरुग्राम एवं हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नागरिकों से अपील की है कि भूजल दोहन से संबंधित किसी भी गतिविधि को शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें तथा पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के सतत उपयोग में सहयोग करें।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Pawan Kumar Sethi

Related News

static