धनवापुर रोड पर साढ़े तीन फीट पानी, स्कूल में फंसे बच्चों और स्टाफ को MCG और पार्षद ने किया रेस्क्यू

punjabkesari.in Friday, Aug 07, 2026 - 07:29 PM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): गुड़गांव के सबसे ज्यादा जलभराव वाले क्षेत्र धनवापुर रोड पर एक स्कूल में फंसे बच्चों और स्टाफ के लिए नगर निगम अधिकारी और निगम पार्षद मसीहा बनकर पहुंचे। नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर पर मदद की गुहार लगाने के बाद नगर निगम अधिकारी और पार्षद दिनेश दहिया स्कूल पहुंचे और उन्होंने अपने निजी वाहनों से बच्चों और स्कूल स्टाफ को रेस्क्यू किया।

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दरअसल, वीरवार से गुड़गांव में हो रही बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गुड़गांव का निचला इलाका होने एवं धनवापुर में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट होने के कारण पूरे गुड़गांव का पानी इसी एरिया से होकर गुजरता है। धनवापुर रोड को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने अपने अधीन तो कर लिया, लेकिन इस रोड पर होने वाले जलभराव को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही कारण है कि मानसून में हर साल यह सड़क दरिया में तब्दील हो जाती है। आज दरिया बनी इसी सड़क के कारण धनवापुर रोड स्थित फुटप्रिंट्स स्कूल में बच्चे और स्टाफ फंस गए। सड़क पर करीब साढ़े तीन फीट तक पानी होने के कारण अभिभावक न तो अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूल तक पहुंच पा रहे थे और न ही स्टाफ इन बच्चों को उनके अभिभावकों को सुपुर्द कर पा रहा था। इतना ही नहीं स्टाफ भी इस पानी से होकर गुजरने के लिए हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहा था।

 

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ऐसे में स्कूल के स्टाफ द्वारा नगर निगम के फ्लड कंट्रोल सेंटर के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया गया और मदद की गुहार लगाई गई। इसी दौरान सेक्टर-4 एरिया में मौजूद अतिरिक्त निगमायुक्त कुशल कटारिया मौके पर पहुंचे। इस दौरान सेनेट्री इंस्पेक्टर भूपेंद्र कुमार व अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही वार्ड-7 के पार्षद दिनेश दहिया भी मौके पर पहुंचे और स्कूल में फंसे बच्चों और स्टाफ को रेस्क्यू करने की कवायद शुरू की गई। 

 

अधिकारियों ने बताया कि पार्षद दिनेश दहिया अपनी निजी गाड़ी व एक ट्रेक्टर लेकर मौके पर पहुंचे और यहां से स्कूल में फंसी 3 महिला अध्यापकों सहित दो बच्चों को रेस्क्यू किया गया और उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। इसके साथ ही नगर निगम ने अपने स्तर पर तथा जीएमडीए अधिकारियों से संपर्क कर तुरंत ही यहां से पानी की निकासी के इंतजाम किए। अतिरिक्त निगमायुक्त कुशल कटारिया ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए हर समय तत्पर है। जैसे ही सूचना मिली, हमारी टीम तुरंत मौके पर पहुंची और प्राथमिकता के आधार पर बच्चों एवं शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य किया। आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

 

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वार्ड-7 पार्षद दिनेश दहिया ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण थी। नगर निगम की टीम ने पूरी संवेदनशीलता और तेजी से कार्य करते हुए सभी बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सराहनीय कार्य किया, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि मानसून के दौरान सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए टीमें पूरी तरह तैयार हैं। टीम एमसीजी का उद्देश्य केवल जल निकासी तक सीमित नहीं है, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।


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Content Editor

Pawan Kumar Sethi

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