शाकाहारी क्षेत्र घोषित होने के बावजूद खुले में लटका मांस, धार्मिक भावनाओं को पहुंच रही ठेस

10/22/2020 8:56:21 PM

पलवल (दिनेश): हरियाणा सरकार ने कई माह पूर्व खुले में पशु वध एवं मांस बिक्री पर सख्ती से प्रतिबंध की घोषणा की थी, लेकिन पलवल में सरकार के इस आदेश का कोई असर नहीं है। यही नहीं पलवल नगर परिषद ने करीब पंद्रह वर्ष पूर्व एक प्रस्ताव पारित कर शहरी क्षेत्र को शाकाहारी क्षेत्र घोषित किया था। उस समय जितनी की मांस की दुकानें थी, उन सभी को शहर से बाहर करने के आदेश दिए गये थे।  

मांस विक्रेताओं की सुविधा के लिए रशूलपुर रोड रेलवे लाइन के पास बिजली-पानी आदि सुविधाओं से युक्त स्लाटर हाउस बनाकर व्यापारियों को आवंटित किया गया था। कुछ व्यापारियों ने स्लाटर हाउस में दुकाने तो ले ली, लेकिन अपनी दुकानें आबादी क्षेत्र से शिफ्ट नहीं की। दुकानें ज्यों की त्यों आबादी क्षेत्र में बेरोकटोक चलती रही हैं| यही नहीं समय के अनुसार मांस विक्रेताओं की दुकानों में वृद्धि होती रही है। 

हथीन गेट पुलिस नाके के पास खुली मांस की दर्जन भर अवैध दुकानों पर मांस दरवाजे के पास लटकाकर रखा जाता है। कई मंदिरों के पास भी मांस खुलेआम बेचा जा रहा है। शहर का कोई ऐसा कोना नहीं है, जहां पर मांस की अवैध दुकानें न खुली हों। जिनसे परेशान होकर एक बार फिर कुछ लोगों ने शहर भर में खुल रही अवैध दुकानों को बंद करने की मांग की है|

लोगों का कहना है की कम से कम नवरात्रों में पशु-वध वर्जित किया जाना चाहिए थी, लेकिन यह स्थानीय नेताओं की वोटों की राजनीति ही है, जिसके कारण मांस विक्रेताओं की दबंगई चल रही है। उन्होंने कहा कि अब उनकी यह दबंगई ज्यादा दिन तक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

वहीं इस बारे पलवल नगर परिषद चेयरपर्सन के पुत्र अविनाश शर्मा ने बताया की कुछ लोगों ने आकर मुझे शिकायत दी है, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए मांस बेचने वालों की दुकानों को शहरी क्षेत्र से बाहर ले जाने के लिए मुनादी कराई जा रही है। यदि कोई आदेशों की पालना नहीं करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


vinod kumar

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