भिवानी के नमन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हासिल की बड़ी उपलब्धि, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मंच पर करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
punjabkesari.in Wednesday, May 20, 2026 - 11:37 AM (IST)
भिवानी : हरियाणा के भिवानी जिले के गांव जताई निवासी नमन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब, बठिंडा के मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया अध्ययन विभाग में जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) एवं पीएचडी शोधार्थी के रूप में कार्यरत नमन का शोध विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की कैंसर अनुसंधान एजेंसी “इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC)” द्वारा आयोजित “IARC@60” सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा। यह सम्मेलन फ्रांस के लियोन शहर में आयोजित हो रहा है।
नमन ने यह शोध विभागाध्यक्ष डॉ. रूबल कनोजिया के निर्देशन में किया है। “डिजिटल युग में कैंसर संबंधी भ्रामक जानकारी: शोध प्रवृत्तियों और विषयों का वैश्विक विश्लेषण” शीर्षक के अंतर्गत किए गए इस अध्ययन में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फैल रही कैंसर संबंधी गलत सूचनाओं के प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। शोध में यह दर्शाया गया है कि कैंसर से जुड़ी भ्रामक जानकारी लोगों के स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों, उपचार प्रक्रिया और समाज पर किस प्रकार नकारात्मक प्रभाव डालती है। साथ ही, अध्ययन में डिजिटल हेल्थ कम्युनिकेशन और प्रभावी संचार मॉडल विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है, ताकि लोगों तक सही और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाई जा सके।
यह शोध विभाग की “इंटरवेंशंस डिजाइन एंड इफेक्ट्स लैब (IDEL Lab)” के अंतर्गत संपन्न हुआ। शोध टीम में रितु आर्या, रॉबिन जिंदल, रागेंदु और रक्तिमा गुप्ता ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। गांव जताई के नमन की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और क्षेत्र के लिए बल्कि हरियाणा और सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के मंच तक पहुंचना युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राघवेंद्र पी. तिवारी ने नमन और शोध टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक पहचान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सामाजिक और वैश्विक महत्व के शोध कार्यों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा।
इस अवसर पर नमन ने कहा कि “विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे वैश्विक मंच पर अपने शोध को प्रस्तुत करना मेरे लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। यह शोध केवल अकादमिक अध्ययन नहीं, बल्कि समाज को कैंसर संबंधी भ्रामक जानकारी से जागरूक करने की दिशा में एक प्रयास है। मैं अपने मार्गदर्शक डॉ. रूबल कनोजिया, माननीय कुलपति प्रो. आर.पी. तिवारी तथा सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब का हृदय से आभारी हूं, जिनके निरंतर मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो सकी। मैं अपनी पूरी शोध टीम का भी धन्यवाद करता हूं।”