Pet रजिस्ट्रेशन के नाम पर ली जा रही लोगों की निजी जानकारी, Pet Lovers ने लगाए गंभीर आरोप

punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 06:59 PM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): गुड़गांव में नगर निगम द्वारा की जा रही Pet रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर पेट लवर्स ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पेट लवर्स का कहना है कि नगर निगम द्वारा रजिस्ट्रेशन के नाम पर लाेगों की निजी जानकारी ली जा रही है। यह जानकारी सीधे तौर पर नगर निगम की तरफ से नहीं बल्कि थर्ड पार्टी के जरिए ली जा रही है। वहीं, लोगों की इस जानकारी को लीक भी किए जाने की पूरी संभावना है। हैरत की बात यह है कि जब पेट पेरेंट्स द्वारा थर्ड पार्टी प्रतिनिधि से जानकारी लेनी चाही तो उनके पास पेट पेरेंट्स के किसी भी सवाल का जवाब नहीं था। यहां तक कि उनके पास कोई बाइलॉज की जानकारी तक नहीं थी। 

गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक  https://www.facebook.com/KesariGurugram  पर क्लिक करें।

 

पेट लवर्स एसोसिएशन की डायरेक्टर चेतना जोशी ने बताया कि आज नगर निगम की तरफ से पेट रजिस्ट्रेशन का डेस्क डीएलएफ फेज-1 में लगाया गया। यहां ऑफिशियल फॉर्म की जगह दूसरा फॉर्म भरवाया जा रहा था। इसमें लोगों की निजी जानकारी लेने के साथ ही पेट पेरेंट्स के दस्तावेज भी लिए जा रहे थे। इन दस्तावेजों को लेने का जबकि कोई औचित्य ही नहीं है। जब इन लोगों से पूछताछ की गई तो इन्होंने बताया कि तीन साल से वह नगर निगम के लिए कार्य कर रहे हैं और उन्हें यही फॉर्म उपलब्ध कराया गया है। जबकि नगर निगम द्वारा आरटीआई की जानकारी में उन्हें बिलकुल अलग फॉर्म दिया गया है। इसके साथ ही किसी भी तरह से दस्तावेज की कॉपी देने की कोई जानकारी नहीं दी गई। 

 

उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा जिस थर्ड पार्टी कपंनी को पेट पेट रजिस्ट्रेशन का कार्य दिया गया है उसे न तो इस संबंध में बाइलॉज की जानकारी है और न ही उनके पास पेट पेरेंट्स के सवालों का जवाब है। उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित डॉग की कैटेगरी को लेकर एनिमिल हसबेंडरी मिनिस्टरी का हवाला दिया जा रहा है उस आदेश को कोर्ट पहले ही रद्द कर चुकी है। ऐसे में यह लोग लोगों को गुमराह कर रहे हैं। इतना ही नहीं यह लोग रजिस्ट्रेशन के नाम पर लोगों से 500 रुपए वसूल रहे हैं। उनसे किसी पेट पेरेंट्स ने यह पूछा कि अगर कोई रजिस्टर्ड डॉग किसी को काट लेता है तो उसके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई होगी और अगर बिना रजिस्ट्रेशन का डॉग काटता है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई का प्रावधान है तो इस पर वह केवल इतना ही बता पाए कि बिना रजिस्ट्रेशन के डॉग के काटने पर 5 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा जबकि नगर निगम के बाइलॉज में यह 500 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।

 

वहीं, रजिस्टर्ड डॉग के काटने पर लाइसेंस रद्द करने की बात थर्ड पार्टी कंपनी के प्रतिनिधियों ने कही है। ऐसे में जब लाइसेंस ही रद्द किया जाना है तो इन पेट का रजिस्ट्रेशन ही क्यों किया जाना है। यहां तक कि पेट पेरेंट्स को किसी भी तरह की ट्रेनिंग देने की बात पर यह लोग कोई जवाब नहीं दे पाए। ऐसे में उन्होंने नगर निगम अधिकारियों से मांग की है कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर पेट रजिस्ट्रेशन के अंतर्गत क्या होगा। इसके लाभ क्या होंगे और इसकी हानियां क्या होंगी। इस संदर्भ में स्पष्ट रूल बनाने के बाद ही इस प्रक्रिया को किया जाए। इसके साथ ही जिन लोगों की निजी जानकारी पेट रजिस्ट्रेशनके नाम पर ली गई है उनकी जानकारी सुरक्षित करने के लिए भी ठोस कार्रवाई की जाए।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Pawan Kumar Sethi

Related News

static