Haryana Universities Rules : सरकारी विश्वविद्यालयों में लंबे समय से खाली पदों को लेकर वित्त विभाग का सख्त रुख

punjabkesari.in Wednesday, Aug 19, 2026 - 03:49 PM (IST)

डेस्क:   हरियाणा के राज्य विश्वविद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े नए सृजित पदों पर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद यदि कोई नया सृजित पद चार साल तक रिक्त रहता है तो उसे समाप्त माना जा सकता है। वहीं, चार साल से अधिक समय से खाली पड़े पदों को भरने के लिए संबंधित प्रशासनिक विभाग को मामला वित्त विभाग के समक्ष अलग-अलग मामले के आधार पर मंजूरी के लिए भेजना होगा।

वित्त विभाग ने यह निर्णय राज्य विश्वविद्यालयों के संबंध में पुराने निर्देशों की दोबारा समीक्षा के बाद लिया है। वित्त विभाग के 17 अगस्त 2026 के पत्र के अनुसार यह व्यवस्था हरियाणा के राज्य विश्वविद्यालयों में नए सृजित पदों के संबंध में लागू होगी। पत्र में कहा गया है कि वित्त विभाग की ओर से पद सृजित करने की मंजूरी मिलने के बाद यदि वह पद चार वर्ष तक अनभरा अथवा रिक्त रहता है, तो उसे समाप्त माना जा सकता है। इससे ऐसे पदों को लंबे समय तक स्वीकृत सूची में बनाए रखने की व्यवस्था पर अंकुश लगेगा। विश्वविद्यालयों को अब स्वीकृत नए पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी।
 
वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन पदों को मंजूरी मिले चार वर्ष से अधिक समय हो चुका है और वे अब भी रिक्त हैं, उन्हें सीधे भरने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे पदों को भरने के लिए संबंधित प्रशासनिक विभाग को मामला वित्त विभाग के पास विचारार्थ भेजना होगा। वित्त विभाग ऐसे मामलों पर केस-टू-केस बेसिज यानी प्रत्येक मामले की परिस्थितियों के आधार पर फैसला करेगा। इसका अर्थ है कि लंबे समय से रिक्त पदों को भरने के लिए संबंधित विश्वविद्यालय या प्रशासनिक विभाग को वित्त विभाग के समक्ष औचित्य प्रस्तुत करना पड़ सकता है।

 वित्त विभाग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि 6 फरवरी, 2023 को जारी निर्देश संख्या 5/6/2002-1बी एंड सी की बाकी सभी व्यवस्थाएं पहले की तरह लागू रहेंगी। नए आदेश में केवल राज्य विश्वविद्यालयों के संदर्भ में खाली पड़े नए सृजित पदों को लेकर व्यवस्था को स्पष्ट और संशोधित किया गया है। वित्त विभाग की ओर से यह पत्र सभी प्रशासनिक सचिवों, हरियाणा सरकार के सभी विभागाध्यक्षों और राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भेजा गया है। विभाग ने अपने कंप्यूटर सेल को भी निर्देश की प्रति आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए भेजी है।

 नए निर्देशों का सीधा असर उन राज्य विश्वविद्यालयों पर पड़ सकता है जहां वित्त विभाग से मंजूर किए गए नए पद लंबे समय से खाली हैं। चार साल की अवधि पूरी होने के बाद ऐसे पदों को बनाए रखने या दोबारा भरने के लिए विश्वविद्यालयों को वित्त विभाग की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य लंबे समय से निष्क्रिय पड़े स्वीकृत पदों की समीक्षा करना और सरकारी वित्तीय संसाधनों के इस्तेमाल में अनुशासन कायम रखना माना जा रहा है। इससे विश्वविद्यालयों में पदों की वास्तविक जरूरत और उन पर भर्ती की स्थिति की समय-समय पर समीक्षा भी जरूरी होगी।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Isha

Related News

static