हरियाणा कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की तैयारी, बूथ स्तर तक मजबूती के लिए चार पर्यवेक्षक नियुक्त

punjabkesari.in Saturday, Aug 08, 2026 - 08:10 AM (IST)

चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी ): हरियाणा में भाजपा की तर्ज पर बूथ स्तर तक मजबूत संगठन खड़ा करने के लक्ष्य के साथ कांग्रेस ने संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। पार्टी हाईकमान ने प्रदेश में संगठन को सक्रिय और प्रभावी बनाने के लिए चार वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर संगठन में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में संगठनात्मक जिलों की संख्या 32 से बढ़ाकर 37 किए जाने पर विचार चल रहा है, जबकि तीन से चार मौजूदा जिलाध्यक्षों की जिम्मेदारी भी बदली जा सकती है।

करीब दो माह पहले प्रदेश कांग्रेस प्रभारी संजय सतीशचंद्र दत्त ने उत्तर और दक्षिण हरियाणा के विभिन्न जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया था। इस दौरान अधिकांश कार्यकर्ताओं ने पार्टी की कमजोरी का कारण बड़े नेताओं के इर्द-गिर्द राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों की उपेक्षा को बताया। प्रदेश प्रभारी ने यह रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपी, जिसके बाद संगठन को नई दिशा देने के उद्देश्य से वरिष्ठ नेता डॉ. एन. रघुवीरा रेड्डी, यशोमति ठाकुर, उमंग सिंघर और अजय कुमार लल्लू को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया। ये सभी प्रदेश प्रभारी के साथ मिलकर संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी करेंगे।

 

सोनीपत में आज होगी कांग्रेस कार्यसमिति की अहम बैठक
शनिवार को सोनीपत में प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। प्रदेश प्रभारी संजय सतीशचंद्र दत्त की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, सांसद कुमारी सैलजा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक में संगठन विस्तार, आगामी जनआंदोलनों की रणनीति और विधानसभा सत्र में उठाए जाने वाले जनहित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कर रोडमैप तैयार किया जाएगा।

 

जिलाध्यक्षों के रिपोर्ट कार्ड पर मंथन, कमजोर प्रदर्शन पर चेतावनी
शुक्रवार को सोनीपत में प्रदेश प्रभारी ने जिलाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने, आगामी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने और किसानों से जुड़े मुद्दों पर जनसंपर्क अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से 'मेरा फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल बंद किए जाने के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ अभियान चलाने की रणनीति बनाई गई।

बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी ने कुछ जिलाध्यक्षों से अलग से वन-टू-वन चर्चा भी की। सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक गतिविधियों में कमजोर प्रदर्शन करने वाले कुछ जिलाध्यक्षों को अंतिम चेतावनी दी गई। पार्टी द्वारा तैयार रिपोर्ट कार्ड के आधार पर उनके कामकाज का मूल्यांकन किया गया है। बताया जा रहा है कि तीन जिलाध्यक्ष लंबे समय से 'रेड जोन' में हैं और उनके स्थान पर नए चेहरों को जिम्मेदारी देने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। संगठनात्मक फेरबदल को कांग्रेस आगामी राजनीतिक चुनौतियों और विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देख रही है।

 

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Content Writer

Isha

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