लॉकडाउन 3 और 4 में दी गई ढील ने बढ़ाया जिले में कोरोना का आंकड़ा, जुलाई में 204 केस आए

8/3/2020 6:52:22 PM

जींद (जसमेर मलिक): लॉकडाऊन समाप्त होने और लॉकडाउन 3 और 4 में दी गई ढील जिले में कोरोना संक्रमण को बढ़ा गई। जिले में अप्रैल से जून तक 3 महीनों में कोरोना के 111 मामले सामने आए थे। लॉकडाऊन समाप्त होने के बाद अकेले जुलाई महीने में जिले में कोरोना संक्रमण के 204 केस आए। जिले के 67 गांवों में कोरोना संक्रमण की एंट्री हो चुकी है। 

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए मार्च में जब लॉकडाऊन लागू किया गया था, उसके लगभग 20 दिन बाद तक जींद जिले में कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया था। अप्रैल महीने में कोरोना संक्रमण ने जींद के निडानी गांव से एंट्री की थी। कोरोना के पहले दोनों मामले निडानी गांव के थे। जिले में कोरोना का पहला मामला निडानी के तबलीगी जमाती दीनदार का था। उससे निडानी के साहिल को कोरोना संक्रमण हुआ था। जिले में अप्रैल से जून महीने तक कोरोना संक्रमण की रफ्तार ज्यादा नहीं थी। अप्रैल से जून तक 3 महीने में जिले में कोरोना संक्रमण के 111 मामले आए थे। अप्रैल में 2, मई में 30 और जून में 79 मामले सामने आए।

जुलाई में सामने आए कोरोना के 204 मामले 
जुलाई महीना आते स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की सैंपलिंग बढ़ाई तो कोरोना संक्रमण के मामले ाी बढ़ते चले गए। अकेले जुलाई महीने में जींद जिले में कोरोना संक्रमण के 204 मामले सामने आए। अब तक जिले में कोरोना संक्रमण के कुल 341 मामले सामने आ चुके हैं और इनमें से जुलाई में ही 204 मामले सामने आए। आंकड़ों से साफ है कि जींद जिले में कोरोना संक्रमण का बम जुलाई महीने में ही फूटा। 2 अगस्त तक जींद जिले में कोरोना संक्रमण के 341 मामले सामने आए। इनमें से 196 लोगों ने कोरोना को मात दे दी। इस दौरान 5 लोगों की कोरोना संक्रमण के दौरान मौत हो गई। कोरोना के 24 मामले दूसरे जिलों में शि ट कर दिए गए। इस समय जिले में कोरोना के 116 एक्टिव केस हैं। 

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67 गांवों में कोरोना संक्रमण की एंट्री 
कोरोना संक्रमण जिले के 67 गांवों में अब तक दस्तक दे चुका है। 
क्षेत्र का नाम कोरोना संक्रमण के मामले
नरवाना ग्रामीण-27 
उझाना-08
उचाना - 27
जींद ग्रामीण- 19
अलेवा- 04
पिल्लूखेड़ा- 16
जुलाना- 59
सफीदों ग्रामीण- 09
जींद शहरी- 117
नरवाना शहरी- 23
सफीदों शहरी- 18

कोरोना संक्रमण रोकने को सैंपलिंग बढ़ा रहा स्वास्थ्य विभाग : डॉ.पालेराम 
जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर कोविड-19 के नोडल आफिसर और डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया का कहना है कि कोरोना पर काबू पाने के लिए कोरोना की सैंपलिंग बढ़ाई जा रही है। ज्यादा से ज्यादा लोगों के कोरोना संैपल लिए जा रहे हैं। पीएचसी और सीएचसी के स्तर पर भी कोरोना की सैंपलिंग जिले में शुरू की जा रही है।

जिले में जून और जुलाई महीने के दौरान कोरोना संक्रमण के स्प्रैड की एक बड़ी वजह लोगों द्वारा कोरोना प्रोटोकोल का उल्लंघन भी बना है। भले ही केंद्र और प्रदेश सरकार ने लॉकडाऊन समाप्त कर दिया है लेकिन कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रोटोकोल अब भी लागू है। कोरोना प्रोटोकोल के दौरान होटलों और खाने-पीने की दुकानों पर भोजन तथा खाने-पीने का सामान परोसने पर रोक बराबर जारी है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनलाक में भी जरूरी है।

जींद में अनलाक के दौरान न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन हो रहा है और न ही कोरोना प्रोटोकोल को पूरी तरह फालो किया जा रहा है। होटलों में महफिलें सजने लगी हैं तो धरनों और प्रदर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लघु सचिवाल परिसर के बाहर पीटीआई के धरना स्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा। बाजारों में खाने-पीने की दुकानों में लोगों को खाने का सामान परोसा जा रहा है।

प्रोटोकोल के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई : डीसी 
डीसी डा.आदित्य दहिया के अनुसार अनलाक के दौरान भी कोरोना प्रोटोकोल लागू है। होटलों या दूसरी दुकानों में कोरोना प्रोटोकोल के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कोरोना प्रोटोकोल का स ती से पालन करना जरूरी है।


Shivam

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