युद्ध समाप्ति के बाद अभ्यास करने मैदान में उतरी SDRF व सिविल डिफेंस, अंडरपास के जलभराव में चलाई नाव
punjabkesari.in Wednesday, Aug 26, 2026 - 10:13 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): सांप निकल गया और लकीर पीटते रह गए। यह कहावत इन दिनों सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ पर सटीक बैठ रही है। दरअसल गुड़गांव में सोमवार को हुई बारिश के दौरान सुभाष चौक पर बाढ़ जैसे हालात हो गए थे और यहां कई स्कूल बसें फंसने के साथ ही इसमें सैकड़ों छात्र फंस गए थे। इस दौरान सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीम तो नजर नहीं आई, लेकिन शहर से पानी की निकासी होने के बाद मंगलवार को अंडरपास में भरे रह गए पानी में मॉकड्रिल करने के लिए टीम पहुंच गई। सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीम ने पानी से लबालब हुए राजीव चौक के नॉन मोटराइज्ड अंडरपास में कैजुअलिटी सर्च के लिए मॉकड्रिल कर वाहवाही लूटनी शुरू कर दी। हैरत की बात यह है कि जब लोगों को एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स की जरूरत थी तब यह मैदान में कहीं नजर नहीं आए।
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सुभाष चौक सहित शहर के कई अन्य स्थानों पर हुए जलभराव में न केवल कई गाड़ियां फंसी बल्कि लोगों ने ट्रैक्टर लगाकर लोगों को जलभराव से पार निकाला। हालांकि जो ट्रैक्टर लोगों को सड़क पर भरे पानी के एक ओर से दूसरी ओर लेकर जा रहा था वह लोगों से शुल्क वसूल रहा था, लेकिन खुद को सुरक्षित पार पहुंचाने के लिए लोगों के लिए यह शुल्क कोई मायने नहीं रख रहा था और लोगों ने इसका भुगतान भी किया। इस दौरान प्रशासनिक अमला मैदान में उतरा रहा। जीएमडीए और नगर निगम के अधिकारी मैदान में उतरकर पानी निकासी के प्रबंध करते रहे। वहीं, ट्रैफिक पुलिस भी पानी में फंसकर खराब हुए वाहनों को क्रेन की मदद से साइड करती दिखाई दी, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीम न तो कहीं नजर आई और न ही इसकी किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने चर्चा की। हैरत की बात यह है कि जिस वक्त सुभाष चौक पर स्कूल बस में सैकड़ों बच्चे फंसे थे उस वक्त यहां से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए नाव की ही जरूरत थी, लेकिन उस वक्त मानों युद्ध के हालात देखकर सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें हालात सुधरने का इंतजार करने लगी और जब शहर से पानी निकल गया और कुछ स्थानों पर पानी भरा रह गया तो यहां अभ्यास करने के लिए यह टीम शेखी बघारते हुए पहुंच गई और अंडरपास में भरे पानी में नाव चलाने के बाद पानी की निकासी करनी शुरू कर दी।

आपको बता दें कि करीब 15 दिन पहले गुड़गांव में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान पुरानी कार खरीद-बिक्री करने वाली कंपनी कार-24 ने मार्केटिंग स्टंट अपनाते हुए अपनी कंपनी की नाव इस जलभराव में उतारी थी। हालांकि यह नाव प्रचार के लिए उतारी गई थी, लेकिन मौके की नजाकत को समझते हुए कंपनी की तरफ से इस जलभराव में फंसे लोगों की मदद की गई और लोगों को पानी से सुरक्षित बाहर निकाला था। वहीं, सोमवार को हुई बारिश के दौरान जब प्रशासन सहित सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ के पास लोगों की मदद कर वाहवाही लूटने का मौका था तब यह विभाग मानों युद्ध के मैदान से दूरी बनाकर बैठे रहे और अगले दिन मॉकड्रिल के नाम पर बाहर निकलकर आए और नाव चलाकर सब ठीक होने की बात कहकर अंडरपास से पानी निकालने में जुट गए।