शहर में बेलगाम घूम रहे आवारा पशु, दहशत में आमजन

9/16/2020 4:04:16 PM

नारनौल : स्थानीय शहर नारनौल जो महेंद्रगढ़ जिले का जिला मुख्यालय भी है। आवारा पशुओं से शहर का आमजन परेशान है। ये आवारा पशु जिनमें ज्यादातर गौवंश है, शहर में झुंड के रुप देखे जा सकते है। अवारा पशुओं का झुंड शहर के जिस गली, मोहल्ले, सड़क या बाजार से गुजरता है। वहां लोगों में दहशत पैदा हो जाती है। इन पशुओं की चपेच में वृद्ध, महिला व बच्चों के अलावा दोपहिया वाहनों के आने का खतरा हर पल बना रहता है औऱ आए दिन शहर में कोई व कोई घटना घटित होती रहती है। ये आवारा पशु कई बार बीच बाजार में आपस में लड़ पड़ते है तो स्थिति और भी खतरनाक बन जाती है।

घरों व दुकानों में घुसकर भी अक्सर नुक्सान करते रहते है। इनमें जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। सड़कों व गलियों में जगह-जगह इनके मलमूत्र से भी गंदगी फैलती है। वर्तमान में अनेक गौशालाएं होने के बावजूद इन आवारा पशुओं के लिए नगर प्रशासन द्वारा सरकार की कैटल फ्री योजना के तहत सिंघाणा रोड पर एक नंदी गौशाला स्थापित की गई थी। जिसमें अवारा पशुओं को डालने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन इतना कुछ करने के बाद शहर में आवार पशुओं का लगातार बढ़ना शहरवासियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। 

नगर परिषद व जिला प्रशासन शहर में आवारा पशुओं की समस्या से अवगत होने के बावजूद कोई कारगर कदम नहीं उठा रहा। जबकि आवारा पशुओं की समस्या आमजन के जीवन की सुरक्षा से भी जुड़ी हुई है। नगरपरिषद की चेयरपर्सन भारती सैनी से शहर में आवारा पशुओं की इस समस्या के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मगर परिषद ने नंदी गौशाला में इन पशुओं के रखने की व्यवस्था की है लेकिन वहां पशुओं को रखने की सीमित व्यवस्था होने के कारण औऱ अधिक पशुओं को रखने की व्यवस्था करना संभव नहीं है। क्योंकि शहर में गांवों से भी लोग आवारा पशुओं को लाकर छोड़ जाते है। हम अनेक बार जिला प्रशासने के संज्ञान में यह समस्या ला चुके है तथा इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयासरत है। 
 


Manisha rana

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