मम्मी-पापा, मुझे माफ कर देना, मैं दादा के पास जा रही हूं...जोहड़ में मिला छात्रा का शव
punjabkesari.in Saturday, Feb 14, 2026 - 11:20 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): मोकलवास गांव से तीन दिन पहले स्कूल ड्रेस पहन कर घर से लापता हुई 11वीं की स्टूडेंट नेहा की डेडबॉडी गांव के शमशान घाट के नजदीक जोहड़ से बरामद की है। पुलिस को इसका सुराग स्टूडेंट की डायरी से मिला। घर में उसके कमरे से मिली डायरी में लिखा था- "मम्मी-पापा, मुझे माफ कर देना। मैं दादा के पास जा रही हूं। मुझे तलाश मत करना। अगर तलाश करनी ही है तो श्मशान वाले जोहड़ में तलाश कर लेना। डायरी में लिखे इन शब्दों से पुलिस और परिवार के लोग तुरंत ही जोहड़ पर पहुंचे, जहां कीचड़ में स्टूडेंट की डेडबॉडी फंसी थी। डेड बॉडी देख परिवार के लोगों में कोहराम सा मच गया। पुलिस ने डेड बॉडी को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया।
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जानकारी अनुसार, गांव मोकलवास निवासी नेहा मैत्री स्कूल की 11वीं कक्षा की स्टूडेंट थी। उसके पिता कोर्ट की लाइब्रेरी में जॉब करते हैं। वह परिवार के अनुसार उनकी बेटी नेहा पढ़ाई में होशियार थी। टीचर्स भी उसकी तारीफ करते हैं। परिवार में कुल चार सदस्य हैं, जिनमें माता-पिता के अलावा दो बच्चे, जिनमें बड़े भाई के अलावा नेहा इकलौती बेटी थी। गत 11 फरवरी की रात को सभी खाना खाकर माता-पिता और भाई सोने चले गए थे। नेहा भी पढ़ाई की बात कहकर अपने कमरे में चली गई थी। परिवार के लोग सुबह उठे तो नेहा अपने कमरे में नहीं थी। बेटी अपने कमरे में नहीं मिली तो परिवार तलाश करने लगा। उसकी ड्रेस भी गायब थी। आसपड़ोस के लोगों से बेटी के बारे में पता किया तो कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परेशान परिवार ने उसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। घर से थोड़ी दूर एक मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में नेहा स्कूल की ड्रेस पहने जाती दिखाई दी थी। पुलिस शुरुआत में मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद या अन्य किसी वजह से नेहा के लापता होने को कारण मान रही थी। परिवार ने भी उसकी सूचना देने वाले को एक लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा भी की थी। इसके साथ ही पुलिस उसकी तलाश के लिए आसपास के इलाकों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और संभावित ठिकानों पर निगरानी तेज कर दी थी।
पुलिस ने शुक्रवार को उस कमरे की तलाश ली, जिसमें 11 फरवरी की रात को नेहा सोने गई थी। पुलिस ने वहां रखी अलमारी, दराज आदि की तलाशी ली तो एक डायरी हाथ लग गई। इसमें पन्ने पलटे गए तो इसमें नेहा की ओर से तीन बातें लिखी मिली। "मम्मी-पापा, मुझे माफ कर देना। मैं दादा के पास जा रही हूं। मुझे तलाश मत करना। अगर तलाश करनी ही है तो श्मशान वाले जोहड़ में तलाश कर लेना। जोहड़ में पानी और कीचड़ ज्यादा था, जिस कारण गोताखोरों को उसमें तलाश करने में परेशान होनी रही थी। इसी के बाद मोटर लगाकर पानी को निकाला गई। जैसे ही जोहड़ का पानी कम हुआ, नेहा की डेडबॉडी कीचड़ में फंसी दिख गई। यह देख वहां मौजूद परिजन बिलख-बिलख कर रोने लगे। जोहड़ में पानी और कीचड़ ज्यादा था, जिस कारण गोताखोरों को उसमें तलाश करने में परेशान होनी रही थी। इसी के बाद मोटर लगाकर पानी को निकाला गई। जैसे ही जोहड़ का पानी कम हुआ, नेहा की डेडबॉडी कीचड़ में फंसी दिख गई। यह देख वहां मौजूद परिजन बिलख-बिलख कर रोने लगे।