कोरोनाकाल में बढ़ी मिट्टी के बर्तनों की मांग, कुम्हारों की हुई चांदी
punjabkesari.in Thursday, Jun 03, 2021 - 05:22 PM (IST)
पलवल(दिनेेश): कोरोनाकाल में हर किसी को आर्थिक तौर से तंगी का सामना करना पड़ रहा है लेकिन मिट्टी के बर्तन मटके बनाने वाले कुम्हारों की चांदी हो रही है। दरअसल कोरोना में लोग मिट्टी के मटके का पानी प्रयोग में ला रहे हैं ।
भारी संख्या में लोगों के द्वारा मटके का प्रयोग में लाने से मटके बनाने वाले कुम्हारों की जमकर बिक्री हो रही है । शायद कोई घर ऐसा हो जो मटके का पानी प्रयोग नहीं कर रहा हो क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों के अनुसार भी इस समय में मटके का पानी सबसे ज्यादा सेफ बताया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मिट्टी से बने हुए बर्तन में बहुत सारे ऐसे तत्व होते हैं जो हमारी बॉडी के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होते हैं । आयुर्वेद के डॉक्टर पवन कुमार कौशिक ने बताया की कोरोना के चलते लोग पुरानी पद्धति पर लौट रहे हैं।
मटके के पानी का सबसे बड़ा फायदा यह है की बॉडी का जो तापमान है वह मटके के पानी को बिना किसी परेशानी के मैनेज कर लेता है। आयुर्वेद में मिट्टी से बने बर्तन का अलग महत्व है क्योंकि आयुर्वेद की सभी विधियां मिट्टी के बर्तन के साथ संपन्न होती हैं ।
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