गांव में शेर के पंजों के निशान मिलने से ग्रामीण भयभीत, करवाई गई मुनादी

punjabkesari.in Saturday, Oct 03, 2020 - 06:38 PM (IST)

हथीन (ब्यूरो): हथीन उपमंडल के अंतिम छोर पर बसे 4 हजार की आबादी वाले गांव मंडौरी के ग्रामीण कथित शेर की उपस्थिति की आशंका से भय के साए में जी रहे हैं। स्थिति यह बनी हुई है कि पिछले 3 सप्ताह से ग्रामीणों को शेर दिखाई दिया और अचानक कुछ पलों में ही अदृश्य हो गया। गत 9 सितंबर को सर्वप्रथम उक्त गांव के युवक सुमित और रोहताश ने ज्वार के खेतों में कथित रूप से शेर देखा। इस बारे में उक्त दोनों युवकों ने ग्रामीणों को बताया कि उन्होंने शेर देखा है। ग्रामीणों ने इस मामले को गंभीरता से लिया। पूरे गांव के लोग एकत्रित होकर उसकी खोज में जुट गए।

हथीन थाना प्रभारी सत्यनारायण एवं मिंडकौला चौकी पुलिस प्रभारी मनोज कुमार ने वन्य प्राणी संरक्षक टीम को फरीदाबाद से बुलाया। कई घंटों की खोज के बावजूद जंगल मे कोई शेर नहीं मिला। इसके बावजूद लोगों में भय बना रहा। शेर से बचने और सावधानी बरतने के लिए गांव में सार्वजनिक मुनादी भी कराई गई। शेर की उपस्थिति की आशंकाओं से लोग भयभीत बने रहे।

अब शनिवार सुबह 3 अक्तूबर को गांव के पूर्व सैनिक ओमदेव ने दावा किया है कि उसने अपने घर के सामने से शेर निकलते हुए देखा है। पूर्व सैनिक ने उसके पैरों के निशान भी लोगों को दिखाए। मौके पर पुन: हथीन थाना प्रभारी सत्यनारायण एवं मिंडकौला चौकी प्रभारी मनोज कुमार भी पहुंचे। फरीदाबाद से वन्य प्राणी विभाग का गार्ड हंसराज भी आया। उसने कथित हिंसक प्राणी के पैरों के निशान देखे, सर्च अभियान चलाया। कई घंटों की मशक्कत के बावजूद शेर नहीं मिल पाया। परंतु ग्रामीणों में भय बना हुआ है।

इस बारे में वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर चरण सिंह का कहना है कि उक्त इलाके में शेर अथवा टाइगर की उपस्थिति नहीं हो सकती। यदा-कदा तेंदुआ दिखाई दे जाते हैं। उक्त मंडौरी गांव में तेंदुए की उपस्थिति भी प्रमाणित नहीं हो रही है। ग्रामीण जो पंजों, पैरों के निशान दिखा रहे हैं वे जंगली कुत्तों के हैं। ग्रामीणों को भयभीत नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि ज्वार, बाजरा की फसल कट जाएगी उसके बाद ग्रामीणों की आशंकाएं भी समाप्त हो जाएंगी।


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Shivam

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