Haryana में मतदाता सत्यापन अभियान अंतिम चरण में, BLOs 99.91% मतदाताओं तक पहुंचे

punjabkesari.in Tuesday, Jul 21, 2026 - 08:54 PM (IST)

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान ने अंतिम चरण में प्रवेश कर लिया है। प्रदेशभर में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने लगभग सभी मतदाताओं तक पहुंच बनाते हुए 99.91 प्रतिशत कवरेज हासिल कर ली है। अब केवल 18,650 मतदाताओं का सत्यापन शेष रह गया है, जिसे जल्द पूरा करने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।

राज्य निर्वाचन आयोग की मंगलवार शाम तक की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा के कुल 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 929 मतदाताओं में से 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार 279 मतदाताओं तक बीएलओ पहुंच चुके हैं। इनमें से 1 करोड़ 72 लाख 8 हजार 810 मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जबकि 34 लाख 28 हजार 469 मतदाता ऐसे मिले जिनके फॉर्म विभिन्न कारणों से एकत्र नहीं हो सके। इन्हें "अनकलेक्टेबल" श्रेणी में रखा गया है। दोनों श्रेणियों को मिलाकर राज्य में 99.91 प्रतिशत कवरेज दर्ज की गई है।

16 जिलों में फील्ड वेरिफिकेशन पूरा
राज्य के 22 जिलों में से 16 जिलों में घर-घर जाकर फील्ड वेरिफिकेशन का कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है। शेष छह जिलों में भी अंतिम चरण का सत्यापन तेजी से चल रहा है। निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि शेष मतदाताओं का सत्यापन भी जल्द पूरा कर अंतिम मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाया जाए।

फतेहाबाद बना डिजिटाइजेशन में नंबर-1
मतदाता फॉर्मों के डिजिटाइजेशन में फतेहाबाद ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। यहां 92.83 प्रतिशत फॉर्म डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज किए जा चुके हैं। इसके बाद महेंद्रगढ़ (91.33 प्रतिशत), चरखी दादरी (90.48 प्रतिशत), भिवानी (90.02 प्रतिशत) और सिरसा (89.96 प्रतिशत) का स्थान है।
इसके अलावा नूंह, कैथल, जींद, हिसार, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र और पलवल ने भी राज्य के औसत 83.31 प्रतिशत से बेहतर प्रदर्शन करते हुए तेज गति से डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया है।

एनसीआर और बड़े शहरों में रफ्तार धीमी
दूसरी ओर, एनसीआर और बड़े शहरी जिलों में डिजिटाइजेशन की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। गुरुग्राम सबसे पीछे है, जहां केवल 69.79 प्रतिशत फॉर्म ही डिजिटाइज हो सके हैं। इसके बाद फरीदाबाद (72.68 प्रतिशत), पंचकूला (76.12 प्रतिशत), सोनीपत (80.32 प्रतिशत), पानीपत (80.64 प्रतिशत), रोहतक (80.81 प्रतिशत), झज्जर (81.88 प्रतिशत), अंबाला (82.41 प्रतिशत) और करनाल (82.42 प्रतिशत) का स्थान है।

निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की अधिक आवाजाही, नौकरी और प्रवास जैसी परिस्थितियों के कारण फॉर्म संग्रह और सत्यापन में अपेक्षाकृत अधिक समय लग रहा है। इसके बावजूद अभियान निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए सभी जिलों में विशेष टीमें सक्रिय हैं। 

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Content Editor

Krishan Rana

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