किसानों के साथ था हूं और आखरी सांस तक रहूंगा, जल्द होना चाहिए फैसला: रामकरण काला

1/16/2021 3:11:36 PM

चंडीगढ़ (धरणी) : हरियाणा में जेजेपी और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से बनी सरकार को किस समय झटका लग जाए यह कुछ कहा नहीं जा सकता। भले ही सरकार अपनी मजबूती के कितने भी दावे कर रही हो या समर्थन देने वाले निर्दलीय और जेजेपी के विधायक भी सरकार के सच्चे साथी होने का कितने ही दावे कर रहे हो लेकिन अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए वह किसी भी समय बड़ा फैसला लेकर सभी को अचंभित कर सकते हैं। क्योंकि ज्यादातर समर्थन देने वाले विधायक किसान बाहुल्य क्षेत्रों से विजई होकर विधानसभा में पहुंचे हैं और किसानों के दबाव में सरकार से दूरी बनाना कोई आश्चर्यजनक बात नहीं होगी। ऐसा राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है। पंजाब केसरी ने सुरक्षित सीट शाहबाद मारकंडा से जेजेपी विधायक रामकरण काला से विशेष मुलाकात की। जिन्होंने कुछ समय पहले सरकार को 26 जनवरी तक आंदोलन के खत्म होने पर सदस्यता से इस्तीफा देने की बात कही थी। उनसे बातचीत के कुछ अंश आपके सामने प्रस्तुत हैं:-

प्रश्न : कांग्रेस ने कृषि कानूनों को लेकर राजभवन को घेरने की कोशिश की। इस पर आपकी क्या टिप्पणी है ?
उत्तर : 
हम सभी किसान हैं। हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इस आंदोलन के निपटारे के पक्षधर हैं और प्रयासरत हैं। आज कांग्रेस किसानों के साथ खड़े होकर राजनीति चमकाने की कोशिश कर रही है। वह आंदोलन का साथ नहीं दे रहे बल्कि आंदोलन को भड़काने की कोशिश में लगे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के साथ है। मैं किसानों के साथ हूं और आखरी सांस तक किसानों के साथ रहूंगा।

प्रश्न : अभय चौटाला ने भी किसानों के हक में ट्रैक्टर यात्रा शुरू की है। इसे लेकर आपकी क्या सोच है ?
उत्तर : 
यह उनकी अपनी सोच है। उनकी अपनी राजनीति है। वह कुछ भी करें यह उन को आजादी है शांतिपूर्ण आंदोलन का, मर्यादा में रहकर अपनी बात रखने का सबको अधिकार है। लेकिन किसी को भड़काना ठीक बात नहीं है। हमारी पार्टी जननायक जनता पार्टी किसानों की पार्टी है और सरकार से हमारी मांग है कि जल्द से जल्द इस आंदोलन का, किसानों की मांग का समाधान किया जाए ताकि जल्द से जल्द हमारे किसान भाई घरों को लौट सके।

प्रश्न : आप किसानों के साथ खड़े हैं या नहीं ?
उत्तर : 
बिल्कुल मैं किसानों के साथ हूं। हमारी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता किसानों के साथ है और भारतीय जनता पार्टी भी किसानों के हक में हर फैसला लेगी ऐसा मेरा मानना है। कोई भी पार्टी, कोई भी सरकार किसानों के कारण ही सत्ता में बैठती है।सभी 36 बिरादरी के लोगों से वोट पाकर हम विधानसभा में पहुंचे हैं। हमारी मांग है कि किसानों की समस्या का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए।

प्रश्न : 26 जनवरी तक आपने सरकार को अल्टीमेटम दिया था क्या यह बात सच है ?
उत्तर : 
किसान इतनी धुंध, बारिश और सर्दी में सड़कों पर पड़ा है। अगर समस्या गंभीर न होती तो क्या वह ऐसा करते। हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी जल्द समाधान के प्रयास में हैं। लेकिन यह केंद्र का मामला है जिससे प्रदेश सरकार लगातार बात कर रही है। हमने पीछे भी किसान का एक-एक दाना खरीदा और आने वाले समय में भी खुद खड़े होकर किसानों की फसल को खरीदेंगे।

प्रश्न : शाहाबाद किसान बाहुल्य क्षेत्र है। आप सीधे शब्दों में बताएं कि किसान के साथ है या नहीं ?
उत्तर : 
हम किसान के साथ खड़े हैं। किसानों में 36 बिरादरी के लोग हैं और अगर हम किसान के साथ खड़े होंगे कि नहीं तो सरकार भला कैसे चलाएंगे।

प्रश्न : शाहबाद-मारकंडा के लिए आप के ड्रीम प्रोजेक्ट क्या है ?
उत्तर : 
हमारा शाहबाद विधानसभा क्षेत्र में एक शाहबाद एक छोटा सा शहर है। हम जिला कुरुक्षेत्र में शाहबाद को नंबर 1 पर लाने का वादा करते हैं।

प्रश्न : अमित शाह से मुलाकात करने वाले विधायकों में क्या आप भी शामिल थे ?
उत्तर : 
हमारे उपमुख्यमंत्री गए थे। उन्होंने किसानों की मांगों को जल्द पूरी करने की मांग रखी थी और कहा था कि इस आंदोलन में जितनी देरी हो रही है उतना ही नुकसान ज्यादा बढ़ रहा है। सरकारी खजाने को भी भारी नुकसान हो रहा है। जल्द से जल्द किसानों को संतुष्ट किया जाए, ऐसी मांग की गई थी। 

प्रश्न : 26 तारीख को गणतंत्र परेड में किसानों ने पहुंचने का फैसला लिया है आप क्या कहेंगे?
उत्तर : 
किसानों में हर बिरादरी के लोग हैं। व्यापारी, आढ़ती भी किसान हैं और परेड में जाने का सबको अधिकार है। यह सरकार का काम है लोकतंत्र में हम किसी को रोक नहीं सकते यह बात देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सभी को पता है। 


Manisha rana

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