ई-खरीद पोर्टल पर गेहूं घोटाला, यूपी से लाकर हरियाणा किसानों के नाम पर बेचा; 5 आढ़तियों पर केस दर्ज
punjabkesari.in Friday, May 08, 2026 - 01:53 PM (IST)
करनाल (मेनपाल कश्यप) : इंद्री की नई अनाज मंडी और ब्याना सब यार्ड में गेहूं खरीद के दौरान बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई है। जांच में पता चला कि यूपी व बाहर राज्यों से गेहूं लाकर हरियाणा किसानों के नाम पर पोर्टल में चढ़ाया गया। इसके जरिए सरकारी खरीद प्रणाली को नुकसान पहुंचाया गया। मामले में जांच के बाद पांच फर्मों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न आरोपों में केस दर्ज किया गया है और पुलिस जांच में जुटी है।
कमीशन एजेंटों की मिलीभगत और अवैध लेनदेन का खुलासा
इंद्री मार्केट कमेटी के सचिव अजीत सिंह ने थाना इंद्री को 7 मई को लेटर के माध्यम से भेजी थी। शिकायत में बताया गया कि गेहूं खरीद सीजन 2026 के दौरान नई अनाज मंडी इंद्री और सब यार्ड में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर जांच, रिकॉर्ड की जांच और स्थानीय स्तर पर पूछताछ की। जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी के सबूत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। जांच में सामने आया कि कई कमीशन एजेंट उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों से गेहूं लाकर उसे हरियाणा के किसानों के नाम पर ई-खरीद पोर्टल पर दर्ज कर रहे थे। इससे उन्हें गलत तरीके से फायदा हुआ, जबकि सरकारी खरीद प्रणाली को नुकसान पहुंचा। यह पूरी प्रक्रिया नियमों के खिलाफ पाई गई।
5 फर्मों के खिलाफ केस दर्ज
मार्किट कमेटी के सचिव अजित सिंह ने बताया की इन 5 फर्मों के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया गया है उन्होंने कहा की तीन इंद्री मंडी के व दो ब्याना सहित पांच आढ़तियों के फार्म संदीप कुमार की फर्म मैसर्स जसमेर सिंह जरनैल सिंह ,जय भगवान की फर्म मैसर्स सरधा राम ,जय भगवान अरुण कुमार की फर्म मैसर्स,राम सरूप रतन लाल सब यार्ड ब्याना के राय सिंह की फर्म ,मैसर्स अमर सिंह राय सिंह सब यार्ड बियाना के अंकित कुमार की फर्म मैसर्स यह भी सामने आया कि कुछ आढ़तियों ने ट्रांसपोर्ट ड्राइवरों को पैसे देकर गेहूं की बोरियों को प्राथमिकता से उठवाया। यह मंडी के तय नियमों और प्रक्रिया के खिलाफ था। खास तौर पर मैसर्स सरधा राम जय भगवान और मैसर्स राम सरूप रतन लाल पर इस तरह के आरोप सामने आए हैं।
जांच में हुए बड़े खुलासे
अधिकारियों द्वारा की गई जांच और मौके की जांच में चार मुख्य बातें सामने आईं: उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से गेहूं लाकर इंद्री और बियाना मंडी में लाया गया।-इस गेहूं को हरियाणा के किसानों के नाम पर ई-खरीद पोर्टल में दर्ज किया गया। गेहूं की बोरियों को पहले उठाने के लिए अवैध रूप से पैसे दिए गए। पूरी प्रक्रिया में सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए धोखाधड़ी और रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया। इस पूरे मामले से सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार इस तरह की गतिविधियों से सरकारी एजेंसियों को आर्थिक नुकसान हुआ है उन्होंने कहा कहा की यह खुलसा जब हुआ की उत्तर प्रदेश गेहू लाकर मंडी गेट पास काटँते समय खुलसा हुआ कुछ आढ़तियों से तो मार्किट फीस भी जमा करवा ली गई है जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित फर्मों ने अपने लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया है। थाना इंद्री में पुलिस ने 07 मई को धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। इसके साथ ही मंडी सचिव द्वारा शिकायत के साथ भेजे गए नोटिस, सस्पेंशन ऑर्डर व अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।